नवरात्रि पर प्रीटीन पब्लिक स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
मां दुर्गा पर आधारित नृत्य नाटिका से दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर किया प्रहार
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। सिवान।
खुरमाबाद स्थित प्रीटीन पब्लिक स्कूल में गुरुवार को नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में नन्हें बच्चों ने रामलीला का मनमोहक मंचन कर मर्यादा, संस्कार और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश दिया। भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की वेशभूषा में सजे बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कुछ समय के लिए विद्यालय परिसर अयोध्या जैसा नजर आने लगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह, शिक्षाविद् गणेश दत्त पाठक, वरिष्ठ पत्रकार नीरज पाठक, रोटरी क्लब सिवान के अध्यक्ष राजीव रंजन और प्राचार्या मधुमिता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मां दुर्गा की नृत्य नाटिका से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार
कार्यक्रम की शुरुआत दो नन्हें बालकों द्वारा भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र पर आधारित संवाद से हुई। बच्चों ने दया, करुणा, सत्य, सेवा और त्याग जैसे आदर्शों का संदेश दिया। इसके बाद मां दुर्गा पर आधारित आकर्षक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। इसके माध्यम से दहेज प्रथा, बाल विवाह और अन्य सामाजिक विसंगतियों को समाप्त करने का आह्वान किया गया। बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
रामलीला के मंचन से जीवंत हुई भारतीय संस्कृति
संगीतमय रामलीला में बच्चों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत किया। आकर्षक वेशभूषा, संवाद और अभिनय के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को सहज तरीके से प्रस्तुत किया गया। नन्हें कलाकारों की प्रतिभा और आत्मविश्वास की अतिथियों ने सराहना की।
डिजिटल युग में बच्चों को संस्कारों से जोड़ना जरूरी
शिक्षाविद् गणेश दत्त पाठक ने कहा कि तनाव और उपभोक्तावाद के वर्तमान दौर में भगवान श्रीराम का जीवन समाज को महत्वपूर्ण संदेश देता है। बचपन से बच्चों में संस्कार विकसित करने की विद्यालय की पहल सराहनीय है।
रोटरी क्लब के अध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि बचपन में मिली सीख जीवनभर साथ रहती है। बच्चों की रामलीला का भावपूर्ण मंचन अविस्मरणीय रहा। वरिष्ठ पत्रकार नीरज पाठक ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों के भीतर सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने के ऐसे प्रयास आवश्यक हैं।
शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास भी आवश्यक : डॉ. संजय
विद्यालय के निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ नैतिक शिक्षा और संस्कार देना जरूरी है। दशहरा केवल मनाने का पर्व नहीं, बल्कि उसके संदेशों को जीवन में उतारने का अवसर भी है।
प्राचार्या मधुमिता ने कहा कि नृत्य नाटिका और अभिनय के माध्यम से छोटे बच्चे कठिन विषयों को भी आसानी से समझते हैं। इसी उद्देश्य से रामलीला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।






