पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती
डीएम विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति की बैठक, बायोमेट्रिक और सीसीटीवी अनिवार्य
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता, सिवान।
जिले में भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने और पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (पीसी एंड पीएनडीटी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन, नए अल्ट्रासाउंड मशीनों की स्थापना और पुराने मशीनों के नवीकरण (री-न्यूअल) से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। डीएम ने उपस्थित चिकित्सकों और संचालकों को स्पष्ट और सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट का किसी भी हाल में उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लाइसेंसधारी डॉक्टर ही करेंगे मशीन का संचालन
जिला पदाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि जिस डॉक्टर के नाम पर अल्ट्रासाउंड मशीन का लाइसेंस जारी है, वही डॉक्टर मशीन का संचालन करेंगे। किसी अन्य व्यक्ति द्वारा मशीन संचालन पाए जाने पर संबंधित केंद्र के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में फेस रिकग्निशन युक्त बायोमेट्रिक मशीन लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि मशीन संचालन की पारदर्शी निगरानी हो सके।
सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य, 30 दिन तक सुरक्षित रहेगी फुटेज
बैठक में डीएम ने सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र के अंदर और मशीन संचालन कक्ष में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाया जाए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज को नियमों के अनुसार कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखना होगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जांच की जा सके।
हर माह देना होगा प्रतिवेदन
जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन सिवान को निर्देश दिया कि प्रत्येक माह सभी अल्ट्रासाउंड संचालकों और संबंधित चिकित्सकों से पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के अनुपालन को लेकर प्रतिवेदन प्राप्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि एक्ट के प्रावधानों के अनुसार संचालन नहीं होने पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की सख्ती से बढ़ेगी निगरानी
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य जिले में अवैध भ्रूण लिंग जांच पर पूरी तरह रोक लगाना और अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है। इसके लिए आगे भी निरीक्षण और समीक्षा बैठकें की जाती रहेंगी।
प्रशासन की इस सख्ती के बाद जिले के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नियमों के पालन को लेकर दबाव बढ़ गया है, जिससे पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।







