स्थानीय कलाकारों से सजी भोजपुरी फीचर फिल्म, कई जिलों में हुई शूटिंग
पारिवारिक-सामाजिक संदेश के साथ बड़े पर्दे पर दस्तक
इंटरटेनमेंट डेस्क l केएमपी भारत l मुंबई
कृष्ण मुरारी पांडेय। मुंबई।
बिहार में आस्था, परंपरा और लोकसंस्कृति के महापर्व छठ को केंद्र में रखकर सिवान के कला निकेतन द्वारा पहली बार फिल्माई गई भोजपुरी फीचर फिल्म “लागल बा आसरा छठी मईया के” इस वर्ष छठ महापर्व 2026 के मौके पर रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म न केवल धार्मिक भावनाओं को दर्शाती है, बल्कि सिवान की प्रतिभा और कला को भी एक मंच देने का काम कर रही है।

इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें अभिनय करने वाले सभी कलाकार सिवान जिले के ही हैं। स्थानीय कलाकारों ने अपने अभिनय से यह साबित करने की कोशिश की है कि छोटे शहरों में भी बड़े स्तर की कला और प्रतिभा मौजूद है। फिल्म के निर्देशक विजय श्रीवास्तव ने बताया कि यह फिल्म पूरी तरह से पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें छठ पर्व की महिमा, संघर्ष और आस्था को बेहद भावनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

फिल्म की शूटिंग सिवान के विभिन्न खूबसूरत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध स्थानों के अलावा गोपालगंज और आगरा में भी की गई है। प्रमुख लोकेशनों में द रॉयल पार्क, हरिहांस, पचरुखी, नारायणपुर, ओरमा, बरहन गोपाल, रेनुआ और महादेवा शिव मंदिर जैसे स्थल शामिल हैं। इन लोकेशनों ने फिल्म को वास्तविकता और लोकजीवन के रंगों से भर दिया है।
निर्देशक विजय श्रीवास्तव के अनुसार, फिल्म का निर्माण कार्य अब पोस्ट प्रोडक्शन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे नवंबर महीने में पूरी तरह रिलीज कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दर्शकों को इस फिल्म में छठ पर्व की भव्यता के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी देखने को मिलेगा।

फिल्म का निर्माण सीमा कुमारी श्रीवास्तव ने किया है, जबकि कथा भी उन्हीं के द्वारा लिखी गई है। संवाद लेखन का कार्य शहबीर आलम ने संभाला है। छायांकन रिंकू द्वारा किया गया है, जबकि संकलन (एडिटिंग) का जिम्मा विजीत श्रीवास्तव ने निभाया है। नृत्य निर्देशन में प्रीतम और संजू मौया ने अपनी कला का प्रदर्शन किया है। प्रोडक्शन मैनेजमेंट की जिम्मेदारी रूपनारायण श्रीवास्तव और मंटू सोनी ने संभाली है।
फिल्म के संगीत पक्ष को भी खासा मजबूत बनाया गया है। संगीतकारों में गोलू सिंह, कन्हैया श्रीवास्तव, गोविन्द बढरी और विश्वजीत शामिल हैं, जबकि गीतकारों में अमरजीत, कुन्दन, शहनाज जानू और बबुआ कुणाल ने अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया है।
तकनीकी टीम में प्रोमो एवं डीआई का कार्य एचआरपी द्वारा किया गया है, जबकि वीजीएम का कार्य विनोद चौरसिया, गुरु कृपा स्टूडियो, मुंबई ने संभाला है। वोकल इंजीनियरिंग डी मीडिया (आगरा) और आर.के. सिंह (सिवान) तथा साउंड इंजिनियर सुरेश मन्ना (मुंबई) द्वारा की गई है। फिल्म के डिजाइनर प्रशांत हैं।
हरिवंश इंटरटेनमेंट के बैनर तले प्रस्तुत इस फिल्म को लेकर पूरे सिवान जिले में उत्साह का माहौल है। विशेष सहयोग गौरव गुड्डू, आर्यन शुक्ला, मंसूर आलम, अलका शर्मा और विशेष आभार कला निकेतन, सिवान (बिहार) को दिया गया है, जिनके प्रयासों से यह फिल्म संभव हो पाई है। उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म दर्शकों के दिलों में आस्था और संस्कृति की नई छाप छोड़ेगी।






