Saran: एकमा में पोखरा में डूबने से तीन मासूमों की दर्दनाक मौत

Share

खेलते-खेलते गहरे पानी में गए बच्चे, गांव में छाया मातमी सन्नाटा

डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत न्यूज़ l पटना

एकमा, संवाददाता – कमल सिंह सेंगर। एकमा थाना क्षेत्र के परसा पूर्वी पंचायत के धनौती गांव में शनिवार की दोपहर बाद उस वक्त कोहराम मच गया, जब गांव के बाहर स्थित एक निजी मत्स्य पालन वाले पोखरा में डूबकर तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। घटना होते ही गांव में हाहाकार मच गया और माता-पिता सहित परिजन रो-रोकर बेहोश होने लगे। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, तीनों बच्चे घर से खेलने के लिए निकले थे। आशंका है कि वे पोखरा में मछलियां देखने, खेलते-खेलते या नहाने के इरादे से गए थे। इसी दौरान वे गहरे पानी की ओर बढ़ गए और देखते ही देखते डूबने लगे। आसपास के लोगों को जब इसकी भनक लगी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। ग्रामीणों और परिजनों ने किसी तरह बच्चों को बाहर निकाला और तुरंत एकमा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. इरफान अहमद ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

मृत बच्चों की पहचान, गांव में पसरा सन्नाटा

मृत बच्चों में सोनी कुमारी (5) शामिल है, जो पकवलिया, महराजगंज (सिवान) की निवासी थी और अपने ननिहाल धनौती गांव में रहती थी। वहीं उज्ज्वल कुमार (4) पिता मनोज मांझी और तन्या कुमारी (3) पिता सरोज मांझी, दोनों धनौती गांव के रहने वाले थे। उज्ज्वल और तन्या आपस में चचेरे भाई-बहन थे। तीनों बच्चे गांव के ही आंगनवाड़ी केंद्र में पढ़ने जाते थे। यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि हादसे के दिन वे आंगनवाड़ी गए थे या नहीं।

प्रशासन सक्रिय, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए

घटना की सूचना सीएचसी में मौजूद बीएचएम वाहिद अख्तर ने एकमा थाना और अंचलाधिकारी को दी। जानकारी मिलने पर एकमा थानाध्यक्ष ध्रुव प्रसाद सिंह के निर्देश पर पुलिस अवर निरीक्षक नंदकिशोर सिंह पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया।

- Sponsored -

चार लाख मुआवजे की घोषणा, परिजनों से मिले अधिकारी

एकमा अंचलाधिकारी अमलेश कुमार भी अस्पताल पहुंचे और शोकग्रस्त परिवारों को सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि आपदा सहायता मद से प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

इस दर्दनाक हादसे के बाद धनौती गांव में हर घर शोक में डूबा है। गांव की गलियां सन्नाटे में बदल चुकी हैं और हर आंख नम है। लोग लगातार यही कहते दिखे — “इतने छोटे-छोटे बच्चे… भगवान ऐसी घड़ी किसी पर न लाए।”

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31