डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सिवान। नेत्रदान जैसे मानवीय कार्य को नई ऊँचाई देने वाली स्वर्गीय लाइची कुँवर जी के श्राद्धकर्म में रविवार को दधीचि देहदान समिति सिवान की टीम पहुँची। समिति के सदस्यों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित कर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान प्रांत से प्राप्त प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र समिति द्वारा दिवंगत की स्मृति में उनके पुत्र—हरेंद्र पांडेय, नागेंद्र पांडेय, देवेंद्र पांडेय—तथा पौत्र भारत भूषण पांडेय को प्रदान किए गए। सम्मान ग्रहण करते समय परिवार के सदस्यों ने कहा कि लाइची कुँवर जी का निर्णय समाज के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा।
समिति ने बताया—नेत्रदान से किसी की दुनिया रोशन होती है
कार्यक्रम के दौरान समिति के अध्यक्ष नीलेश वर्मा नील ने उपस्थित लोगों को नेत्रदान और देहदान के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि एक नेत्रदान दो लोगों की जिंदगी में उजाला भर सकता है। वहीं सचिव सतीश शर्मा, उपसचिव डॉ. प्रदीप कुमार, सह कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, सदस्य राघवेंद्र प्रताप सिंह तथा राजीव कुमार ने नेत्रदान की प्रक्रिया, इसके उपयोग और सामाजिक प्रभाव पर विस्तृत जानकारी दी।
समिति के संरक्षक डॉ. संजय सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार और डॉ. स्वेता रानी ने भी नेत्रदान के इस निर्णय के लिए परिवार को धन्यवाद दिया। दधीचि देहदान समिति सिवान के उपाध्यक्ष राकेश सहाय ने कहा कि लाइची कुँवर जी का यह कदम समाज में एक सकारात्मक संदेश छोड़ता है।
प्रांतीय नेतृत्व ने भेजा सम्मान–संदेश
प्रांतीय सचिव आनंद प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि लाइची कुँवर जी का नेत्रदान अनेक जरूरतमंदों के जीवन में नया प्रकाश लेकर आएगा। समिति के शीर्ष पदाधिकारियों—महासचिव एवं पद्मश्री श्री विमल जैन, अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यपाल सिक्किम श्री गंगाप्रसाद, उपाध्यक्ष वरीय नेत्र–विशेषज्ञ डॉ. सुबाष प्रसाद—ने भी संदेश भेजकर नेत्रदानी परिवार को नमन किया और उनके प्रेरक निर्णय की सराहना की।






