वारंटी अवधि में खराब मोबाइल नहीं सुधरने पर वनप्लस कंपनी को मरम्मत व मुआवजा देने का आदेश
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सिवान | 15 दिसंबर 2025
सिवान में कार्यरत महिला आरक्षी रंजना कुमारी को उपभोक्ता आयोग से बड़ा राहत मिली है। वनप्लस मोबाइल कंपनी की त्रुटिपूर्ण सेवा से परेशान होकर उन्होंने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था, जिसमें आयोग ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने मोबाइल कंपनी को सेवा में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए मरम्मत के साथ मुआवजा देने का आदेश दिया है।
शिकायत के अनुसार रंजना कुमारी ने अमेजॉन के माध्यम से 23 जुलाई 2021 को वनप्लस 9R 5G मोबाइल 45 हजार रुपये में खरीदा था। मोबाइल पर एक वर्ष की वारंटी थी, लेकिन वारंटी अवधि के दौरान ही मोबाइल खराब हो गया। इसके बाद उन्होंने पटना स्थित अधिकृत सर्विस सेंटर में मोबाइल जमा कराया। कई बार सर्विस सेंटर का चक्कर लगाने के बावजूद मोबाइल को ठीक कर वापस नहीं किया गया।
मोबाइल कंपनी की इस लापरवाही और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर रंजना कुमारी ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष माननीय जय राम प्रसाद एवं सदस्य माननीय मनमोहन कुमार ने की। आयोग ने पाया कि वारंटी अवधि में मोबाइल की मरम्मत नहीं करना सेवा में गंभीर त्रुटि है। साथ ही आयोग के नोटिस के बावजूद विपक्षी कंपनी का उपस्थित न होना आयोग के प्रति अशिष्ट व्यवहार को दर्शाता है।
आयोग ने आदेश दिया कि विपक्षी 15 दिनों के भीतर मोबाइल को मरम्मत कर सही अवस्था में लौटाएंगे। इसके अलावा आर्थिक, शारीरिक एवं मानसिक क्षति के लिए 20 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 8 हजार रुपये, कुल 28 हजार रुपये का भुगतान भी करना होगा।
यदि 15 दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं हुआ तो कंपनी को मोबाइल की कीमत 45,999 रुपये में 10 प्रतिशत कटौती कर 39,599 रुपये, 6 प्रतिशत ब्याज, 20 हजार रुपये हर्जाना और 28 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान 30 दिनों के भीतर करना होगा। आदेश की अवहेलना की स्थिति में वादिनी आयोग में इजरा की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती हैं।






