डायट सिवान में “वर्तमान समय में शिक्षा की चुनौतियां और समाधान” पर संगोष्ठी सह कवि सम्मेलन, शिक्षाविदों और कवियों ने साझा किए विचार
डिजिटल न्यूज़ डेस्क। केएमपी भारत l पटना :
सिवान। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सिवान के अकादमिक भवन स्थित बहुउद्देशीय हॉल में “वर्तमान समय में शिक्षा की चुनौतियां और समाधान” विषय पर एक विचार संगोष्ठी सह कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डायट के प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. शिशुपाल सिंह ने की। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार डॉ. गणेश दत्त पाठक रहे। वहीं राष्ट्रीय स्तर के शायर सुनील कुमार तंग इनायतपुरी, शिक्षाविद् राजकपूर टीपू और कवयित्री खुशबू कुमारी की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रशिक्षु गीता कुमारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. शिशुपाल सिंह ने कहा कि शिक्षक राष्ट्रनिर्माता होते हैं और समाज निर्माण की सबसे बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब शिक्षा अनेक चुनौतियों से गुजर रही है, तब शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुख्य वक्ता डॉ. गणेश दत्त पाठक ने कहा कि विद्यालय मेधावी छात्रों के निर्माण का कारखाना है और शिक्षक इसके इंजीनियर होते हैं। शिक्षक समाज का आईना होते हैं, जिनके विचार और आचरण से आने वाली पीढ़ी का भविष्य तय होता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार पर जोर दिया।

विचार संगोष्ठी के बाद आयोजित कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय फलक के तंजिया शायर सुनील कुमार तंग इनायतपुरी की कविताओं पर श्रोता झूम उठे। कवयित्री खुशबू कुमारी की रचनाओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। प्रशिक्षु देवेंद्र कुमार गुप्ता ने मां पर भोजपुरी कविता प्रस्तुत कर सभी को मातृत्व की ममता पर सोचने को मजबूर कर दिया। इस क्रम में ज्ञानेश मिश्रा, आजाद हुसैन, बृज बिहारी प्रसाद, पंकज कुमार, आलोक कुमार, अविनाश कुमार, अंजू पाण्डेय और हेमंत कुमार चतुर्वेदी ने भी काव्य पाठ किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षु सह साहित्यकार डॉ. मन्नू राय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रशिक्षु कमलेश सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम में डायट के व्याख्याता डॉ. ओंकारनाथ मिश्रा, डॉ. राहुल पटेल, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. सत्येंद्र कुमार पाण्डेय, डॉ. राजीव रंजन सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, प्रशिक्षु और सैकड़ों श्रोता उपस्थित रहे।






