डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्टेडियम से समाहरणालय तक गूंजे नारे, डीएम ने जिला स्तर पर कार्रवाई और ज्ञापन आगे भेजने का दिया भरोसा
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता । सिवान :
सिवान में आपदा मित्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को तिरंगा यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तिरंगा यात्रा की शुरुआत डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्टेडियम से हुई। यात्रा रेलवे स्टेशन, बबुनिया मोड़, तरवारा मोड़, बड़ी महजुद, गोपालगंज मोड़ होते हुए पुनः डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को नमन करने के बाद जेपी चौक से समाहरणालय गेट पर पहुंची।

इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद आनंद और अमित सिंह भी तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। समाहरणालय गेट पर ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारियों को आपदा मित्रों ने स्पष्ट कहा कि वे ज्ञापन केवल जिलाधिकारी को ही सौंपेंगे। इसके बाद अंचलाधिकारी गेट पर पहुंचे और आपदा मित्रों से वार्ता की। वार्ता के उपरांत प्रतिनिधिमंडल के दो सदस्यों को जिलाधिकारी से मिलवाया गया, जहां आपदा मित्रों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जिला स्तर से जो भी संभव होगा, उसे शीघ्र लागू किया जाएगा और यह ज्ञापन मुख्यमंत्री को भी भेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के संवाद कार्यक्रम में आपदा मित्रों के प्रतिनिधिमंडल को शामिल करने के सवाल पर जिलाधिकारी ने इसे पार्टी का कार्यक्रम बताते हुए कहा कि इसमें शामिल होने वालों का निर्णय पार्टी नेतृत्व करता है। वहीं आपदा मित्रों के साथ विस्तृत बैठक के सवाल पर मुख्यमंत्री की व्यस्तता का हवाला देते हुए जिलाधिकारी चैंबर से निकल गए।
तिरंगा यात्रा के दौरान ‘राष्ट्रगान’, ‘भारत माता की जय’, ‘आपदा मित्रों की मांगें पूरी करो’, ‘बेगारी प्रथा बंद करो’ और ‘वेतन नहीं तो विधायक-सांसदों का वेतन बंद करो’ जैसे नारों से शहर दोपहर एक बजे तक गूंजता रहा। चौक-चौराहों पर आम लोगों को भी आपदा मित्रों के समर्थन में बातें करते देखा गया।
आपदा मित्रों की प्रमुख मांगें
आपदा मित्रों ने DDMA का गठन अति आवश्यक श्रेणी में करने, सभी आपदा मित्रों की नियुक्ति और सेना से प्रशिक्षण, सम्मानजनक वेतन, प्रशिक्षण अवधि की बकाया राशि का भुगतान, सुरक्षित शनिवार में विद्यालयों में सेवा देने वाले आपदा मित्रों का तत्काल भुगतान और विधानसभा में प्रस्ताव लाने से पूर्व संगठनों से वार्ता की मांग रखी।
आपदा मित्रों ने तर्क दिया कि यदि एक आपदा मित्र वर्ष में एक भी जान बचाता है तो सरकार के चार लाख रुपये मुआवजे के साथ संसाधनों और समय की भी बचत होती है। नियमित वेतन देने पर भी सरकार को अतिरिक्त बजट की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस तिरंगा यात्रा का नेतृत्व ऑल इंडिया आपदा मित्र सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार साहवाल ने किया। यात्रा में शैलेश कुमार राम, संजय साहनी, विकास कुमार, सुमित कुमार, मनोज राम, बिनोद कुमार, अंशु पांडे, ओम प्रकाश, पप्पू कुमार सहित सैकड़ों आपदा मित्र शामिल थे।






