इलाज के दौरान हृदयाघात से हुआ निधन, सिवान बार ने खोया अभिभावक तुल्य मार्गदर्शक
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। सिवान।
सिविल कोर्ट सिवान में कार्यरत अधिवक्ताओं के लिए मंगलवार का दिन शोक और पीड़ा लेकर आया। वरीय अधिवक्ता एवं अभिभावक तुल्य व्यक्तित्व शुभास्कर पांडेय का मंगलवार को दिन के करीब 3:30 बजे इलाज के दौरान हृदयाघात से निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन से पूरे अधिवक्ता समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। अधिवक्ता समाज इस क्षति को एक युग के अंत के रूप में देख रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुभास्कर पांडेय पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। गंभीर हृदय रोग की शिकायत के बाद उनका इलाज पीजीआई लखनऊ में चल रहा था। चिकित्सकों ने सर्जरी की आवश्यकता बताते हुए मंगलवार दोपहर 3 बजे ऑपरेशन का समय निर्धारित किया था, लेकिन ऑपरेशन थिएटर में पहुंचने से पूर्व ही उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद समाचार से सिवान सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मर्माहत रह गए।
शुभास्कर पांडेय केवल एक सफल अधिवक्ता ही नहीं थे, बल्कि वे अधिवक्ता समाज के लिए प्रेरणास्रोत, मार्गदर्शक और संरक्षक के रूप में जाने जाते थे। विशेषकर कनीय अधिवक्ताओं के लिए वे पिता तुल्य अभिभावक थे। किसी भी समस्या या संकट की घड़ी में वे तन-मन-धन से साथ खड़े रहते थे। यही कारण था कि उन्हें अधिवक्ताओं का सच्चा मित्र और हितैषी माना जाता था।
वे कई बार बार संघ के अध्यक्ष और सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके थे। न्यायिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी। कवि सम्मेलन, कवि गोष्ठी अथवा वैचारिक संवाद—हर मंच पर उनकी प्रभावशाली उपस्थिति देखी जाती थी। उनका मृदुल स्वभाव, शांतचित्त व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।
बताया गया कि उनकी पत्नी का पूर्व में ही निधन हो चुका था। उनके एकमात्र पुत्र, जो इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अधिवक्ता हैं, पिता के साथ रहकर इलाज करा रहे थे। देर रात तक उनका पार्थिव शरीर सिवान स्थित निवास पर पहुंचने की संभावना है। वहीं बुधवार सुबह 10 बजे बार संघ भवन में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
उनके निधन पर अधिवक्ता संघ सहित सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।






