डीएम ने तीन पुस्तकों का किया लोकार्पण, बोले—बचपन में सही पोषण और सीख से ही मजबूत होगा भविष्य
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। पटना/गोपालगंज।
जिले में बच्चों के समग्र विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मंगलवार को बसडीला खास पंचायत सरकार भवन परिसर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “नई दिशा” परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए शिक्षण-अधिगम एवं स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया, जिसका उद्घाटन जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने किया। इस मौके पर उन्होंने तीन महत्वपूर्ण पुस्तिकाओं का लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि यदि बच्चों को बचपन में ही सही पोषण और सीखने के पर्याप्त अवसर मिलें, तो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराई जा रही शिक्षण सामग्री से बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सरल और प्रभावी बनाया जा सकेगा। साथ ही यह पहल उनके शारीरिक और मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी।
डीएम ने एल एंड टी और पीसीआई इंडिया द्वारा संचालित इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विजुअल और एक्टिविटी बेस्ड शिक्षा नई शिक्षा नीति के अनुरूप है और इसे जमीनी स्तर पर लागू करना बेहद जरूरी है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ, सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल बनाने पर भी जोर दिया, ताकि बच्चे सहज रूप से सीखने की ओर आकर्षित हों।

इस अवसर पर सीडीपीओ संगीता कुमारी ने आंगनबाड़ी सेविकाओं से अपील की कि वे केंद्र में नामांकित बच्चों को नियमित रूप से इन शिक्षण सामग्रियों से जोड़ें। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी और उनकी सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अनिल कुमार, ओएसडी संदीप कुमार, महिला हेल्पलाइन की प्रबंधक नाजिया हसन, आईसीडीएस के जिला समन्वयक बृज किशोर श्रीवास्तव, महिला विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक कुणाल सिंह, मिशन शक्ति के सुबोध कांत सिंह और पंचायत की मुखिया आरती देवी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने “नई दिशा” परियोजना को ग्रामीण बच्चों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत पीसीआई इंडिया के एजाज अहमद के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने परियोजना के उद्देश्यों और इसके लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पहल न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने पर केंद्रित है, बल्कि पोषण, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष ध्यान देती है।
समारोह के दौरान आंगनबाड़ी के बच्चों ने जिलाधिकारी को गुलाब का फूल भेंट कर उनका स्वागत किया। बच्चों के इस स्नेहिल स्वागत से भावुक होकर डीएम ने उन्हें गोद में उठाया और गले लगाया, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इसके अलावा डीएम ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर सामग्रियों का अवलोकन भी किया।
अंत में कार्यक्रम का संचालन शशि मोहन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रत्न कुमार ने प्रस्तुत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं भी मौजूद रहीं।






