Labour Day: मजदूर दिवस पर न्याय का संदेश: “सशक्त मजदूर, सशक्त राष्ट्र”

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छपरा में DALSA का जागरूकता शिविर, श्रमिकों को अधिकार, सुरक्षा और योजनाओं की दी गई जानकारी

सेंट्रल डेस्क l केएमपी भारत l पटना

छपरा । संवाददाता :
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर सारण जिला में न्याय और अधिकारों को लेकर एक सशक्त संदेश दिया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर सारण जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA), छपरा द्वारा श्रम विभाग के सहयोग से एक व्यापक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य मजदूरों को उनके कानूनी अधिकारों, कार्यस्थल की सुरक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पुनीत कुमार गर्ग ने मजदूरों की भूमिका को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके श्रमिकों के सशक्तिकरण पर निर्भर करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्याय तक मजदूरों की सहज पहुँच सुनिश्चित करना न्यायपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है और जागरूकता ही सशक्तिकरण का पहला कदम है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव सह एसीजेएम राजीव कुमार ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और इसका लाभ हर वर्ग तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनके अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें शोषण से बचाया जा सकता है और एक न्यायपूर्ण समाज की स्थापना की जा सकती है।

चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADCS) पुर्णेंदु रंजन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि निःशुल्क विधिक सहायता किसी प्रकार की सुविधा नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद का अधिकार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि DALSA हर उस मजदूर के साथ खड़ी है, जिसे न्याय की आवश्यकता है।

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न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुधा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूरों को न्याय दिलाना केवल न्यायालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि यदि वे किसी प्रकार के अन्याय या शोषण का सामना करते हैं, तो बिना डर के आगे आएं और विधिक सहायता प्राप्त करें। न्याय प्रणाली उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

श्रम अधीक्षक देवेन्द्र कुमार प्रभाकर ने श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ तभी मिल सकता है, जब श्रमिक अपने पंजीकरण और अधिकारों के प्रति जागरूक हों।

इस अवसर पर डालसा सारण के रिटेनर लॉयर डॉ. अमित रंजन ने श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सम्मानजनक व्यवहार के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ मजदूर कानूनी सहायता ले सकते हैं और DALSA उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

कार्यक्रम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारीगण, डालसा के पीठ लिपिक नज़रे इमाम, कर्मी धर्मेन्द्र कुमार तथा पीएलवी मुकेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुमारी उषा कुशवाहा ने किया।

यह जागरूकता शिविर न केवल मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने का माध्यम बना, बल्कि न्याय और समानता के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। अंत में सारण जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने आम जनता से अपील की कि 9 मई 2026 को छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने लंबित मामलों का आपसी सहमति से निःशुल्क और त्वरित निपटारा कराएं।

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