Namami Gange: नमामि गंगे के स्थापना दिवस पर सिवान में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, हर सप्ताह चलेंगे जनजागरूकता अभियान

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आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुई विशेष बैठक; नदी स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर

धर्म समाज न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l सिवान।

जीवन धारा नमामि गंगे संस्था के स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सिवान स्थित आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी नमामि गंगे परियोजना के उद्देश्यों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही नदी संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जन-जागरूकता को लेकर व्यापक रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

कार्यक्रम में संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह जोनल प्रभारी (उत्तर बिहार) डॉ. प्रजापति त्रिपाठी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष, सिवान (बिहार) अभिषेक ओझा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नमामि गंगे मिशन की आवश्यकता और उसकी सामाजिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वच्छ नदियां किसी भी सभ्यता और समाज की पहचान होती हैं। नदियों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।

डॉ. प्रजापति त्रिपाठी ने कहा कि सिवान जिले एवं इसके आसपास बहने वाली नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए संस्था द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत नदी तटों पर नियमित सफाई अभियान, व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। इसलिए संस्था का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना है।

उन्होंने बताया कि संस्था के सदस्य नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को नदी संरक्षण, जल संरईक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। इसके अलावा प्रत्येक सप्ताह सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक ओझा ने कहा कि नमामि गंगे मिशन केवल गंगा नदी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जल स्रोतों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सामाजिक भागीदारी का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का कार्य करें।

बैठक के दौरान उपस्थित शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी रुचि दिखाई। प्रतिभागियों ने नदी स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त वातावरण, जल संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे विषयों पर अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम में यह भी निर्णय लिया गया कि संस्था द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाई जाएगी।

अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा नदियों के संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए किया गया।

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