मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से किया राज्यव्यापी लोकार्पण, स्मार्ट क्लास, ICT, विज्ञान लैब और आधुनिक सुविधाओं से बदलेंगे सरकारी स्कूलों की तस्वीर
एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सिवान।
बिहार सरकार के सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को नई दिशा देने की पहल रविवार को सिवान जिले में धरातल पर दिखाई दी। जिले के सभी 19 प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बेगूसराय में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) का एक साथ लोकार्पण किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सिवान जिले के सभी आदर्श विद्यालयों में किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ देखा।

राज्यस्तरीय समारोह में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी तथा शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समान आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
सिवान सदर में हुआ जिला स्तरीय मुख्य समारोह
सिवान जिले का मुख्य कार्यक्रम सरस्वती विद्या निकेतन, सिवान सदर में आयोजित किया गया। समारोह में जिला परिषद अध्यक्ष संगीता देवी, नगर परिषद सिवान की उपसभापति किरण गुप्ता, उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से संवाद भी किया। अधिकारियों ने कहा कि आदर्श विद्यालयों की स्थापना से सरकारी शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और छात्रों को आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय
सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) को आधुनिक शिक्षण व्यवस्था के अनुरूप विकसित किया गया है। यहां विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी आधारित शिक्षा, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेलकूद की बेहतर सुविधाएं तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का लाभ मिलेगा। इसके अलावा विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक कौशल को भी विकसित किया जाएगा।
ग्रामीण छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा। आधुनिक तकनीक से जुड़ी पढ़ाई और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने से सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।
जिला प्रशासन ने जताया विश्वास
कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन ने सभी जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने विश्वास जताया कि सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) सिवान जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया मॉडल बनेंगे और आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकारी विद्यालयों को आधुनिक स्वरूप देने की यह पहल जिले की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।






