Maharajganj: अनुदानित मदरसों और संस्कृत विद्यालयों की होगी हकीकत की पड़ताल

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जिले में तीन सदस्यीय टीम ने शुरू की जांच, 16 बिंदुओं पर परखी जा रही व्यवस्थाएं

एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l महाराजगंज (सीवान)।

जिले के अराजकीय प्रस्वीकृत अनुदानित मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए शिक्षा विभाग ने व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। बिहार सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रखंडों में त्रिसदस्यीय जांच समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों को विद्यालयों की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं आधारभूत संरचनाओं की गहन जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

जिला पदाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक जांच समिति में संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को अध्यक्ष, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) को सदस्य सचिव तथा एक नामित प्रधानाध्यापक को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति, शिक्षकों एवं कर्मियों की उपलब्धता, शैक्षणिक गतिविधियों की स्थिति, आधारभूत सुविधाओं तथा सरकारी अनुदान से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन कर रही है।

महाराजगंज प्रखंड में सोमवार को चार मदरसों एवं दो संस्कृत विद्यालयों की जांच की गई। जांच टीम में बीडीओ बिंदु कुमार, बीईओ राजकिशोर उपाध्याय तथा उमाशंकर प्रसाद उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमरेन्द्र कुमार सिंह शामिल रहे। टीम ने मदरसा इस्लामिया फैजूल उलूम हरपुर मदला, मदरसा इस्लामिया अरबिया नईनियों सोनवर्षा, अब्दुल कय्यूम अंसारी इस्लामी दानिशगाह माधोपुर, मदरसा दारूल उलूम अजिजिया अशरफिया, हरिहर महादेव संस्कृत विद्यालय तथा नागेश्वर सिंह संस्कृत उच्च विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया।

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बीईओ राजकिशोर उपाध्याय ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार जांच के दौरान यू-डायस कोड, विद्यालय की स्थापना वर्ष, संस्थान का स्तर, भूमि संबंधी दस्तावेज, निबंधन प्रमाण पत्र तथा अन्य प्रशासनिक अभिलेखों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके अलावा विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और शिक्षकों की उपलब्धता की भी जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान महादेवदासीन संस्कृत विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यालय भवन के अभाव की समस्या से अवगत कराया। वहीं मोहन बाजार स्थित मदरसा अशरफिया इस्लामिया तक पहुंचने के लिए समुचित सड़क व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आई। इन समस्याओं को जांच प्रतिवेदन में शामिल कर संबंधित विभागों को अवगत कराया जाएगा।

बीईओ ने बताया कि कुल 16 बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य अनुदानित शिक्षण संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना तथा आवश्यक सुधारात्मक कदमों के लिए तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करना है। जिला प्रशासन ने सभी गठित समितियों को निर्धारित प्रारूप में जांच पूरी कर शीघ्र प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है।

शिक्षा विभाग के इस निर्णय को अनुदानित मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जहां आवश्यक होगा वहां आधारभूत सुविधाओं के विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा प्रशासनिक कमियों को दूर करने की कार्रवाई की जाएगी।

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