सीएमआर आपूर्ति में लापरवाही पर डीएम सख्त, 15 जून तक चावल नहीं दिया तो एफआईआर, मिलों की होगी जांच

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केएमपी भारत डेस्क। सीवान |

जिले में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति में लगातार हो रही ढिलाई पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिलाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश की अध्यक्षता में गुरुवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीएमआर आपूर्ति की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

बैठक में डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीएमआर जमा करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित प्रखंड के सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।

15 जून तक चावल देना अनिवार्य

डीएम ने सभी राइस मिल संचालकों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि 15 जून तक हर हाल में बिहार राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) को चावल की आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने साफ किया कि अगर तय समय सीमा तक चावल नहीं दिया गया तो संबंधित पैक्स और राइस मिलों पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

जांच टीम करेगी मिलों का निरीक्षण

डीएम ने निर्देश दिया कि चावल आपूर्ति में कोताही बरतने वाले राइस मिलों की जांच जिला स्तरीय विशेष टीम द्वारा की जाएगी। इस दौरान मिलों की भौतिक स्थिति, स्टॉक और रिकॉर्ड की भी गहन पड़ताल की जाएगी।

बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त मुकेश कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी, एसएफसी प्रबंधक आसिफ इकबाल, बीसीओ, राइस मिल संचालक एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। सभी को सीएमआर आपूर्ति में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

प्रशासन के तेवर सख्त, कार्रवाई तय

प्रशासन की सख्ती के बाद यह साफ हो गया है कि अब सीएमआर आपूर्ति में ढिलाई करने वाले अधिकारियों और मिल संचालकों की खैर नहीं। जिले में पहली बार इस मुद्दे पर इतनी कड़ी चेतावनी दी गई है, जिससे मिल संचालकों में हड़कंप मच गया है।

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