Siwan News: जनवादी लेखक संघ व ऐप्सो के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन सह मुशायरा: कवियों ने अपनी रचनाओं से युद्ध की विभीषिका और मानवता की पीड़ा किया उजागर

Share

युद्ध और आतंकवाद के खिलाफ कविताओं से गूंजा सीवान, शांति का दिया संदेश

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l सीवान। जनवादी लेखक संघ एवं अखिल भारतीय शांति एवं एकजुटता संगठन (ऐप्सो) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को कन्हैयालाल जिला केंद्रीय पुस्तकालय के सभागार में युद्ध एवं आतंकवाद विरोधी कवि सम्मेलन सह मुशायरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जलेस बिहार के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ उस्ताद शायर कमर सीवानी ने की। कवि सम्मेलन में साहित्यकारों और शायरों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से युद्ध, आतंकवाद, हिंसा और उसके दुष्परिणामों को सामने रखते हुए शांति, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया।

कार्यक्रम का आगाज युगल किशोर दूबे ने महात्मा गांधी एवं शांति को समर्पित कविता के पाठ से किया। इसके बाद प्रो. उपेन्द्र नाथ यादव ने फिलीस्तीन में जारी मानवीय संकट और ईरान युद्ध के संदर्भ में अपनी कविता प्रस्तुत करते हुए युद्ध की भयावहता को रेखांकित किया। उनकी पंक्तियों में मिसाइलों की मार से घायल मानवता की पीड़ा उभरकर सामने आई।

विक्रमा पंडित विवेकी ने अपनी रचना के माध्यम से युवाशक्ति का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से शांति और बेहतर समाज के निर्माण में आगे आने का संदेश देते हुए कविता सुनाई। वहीं लाइची हरिराही ने युद्धोन्मादी प्रवृत्तियों को अपनी कविता के जरिए चेतावनी दी। उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने सराहा।

प्रसिद्ध कवयित्री विजय लक्ष्मी विनोदिनी ने युद्ध के प्रभाव और उसके बीच आम लोगों की कठिनाइयों को अपनी सस्वर कविता के माध्यम से अभिव्यक्त किया। उनकी प्रस्तुति पर सभागार में मौजूद श्रोताओं ने खूब तालियां बजाईं। अधिवक्ता अरशद अली ने अपनी रचना प्रस्तुत कर समकालीन सामाजिक परिस्थितियों पर विचार व्यक्त किया, जिस पर उन्हें श्रोताओं की वाहवाही मिली।

प्रो. जेया कुतुबी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदर्भ में समाज की विडंबनाओं पर कटाक्ष करते हुए बेटियों की सुरक्षा और समान अधिकार का सवाल उठाया। उनकी रचना ने श्रोताओं को गंभीरता से सोचने पर मजबूर किया। यूनूस सीवानी ने प्रेम और आपसी संवाद पर केंद्रित रचना प्रस्तुत की। उन्होंने अपनी शायरी के माध्यम से दुश्मनी की जगह बातचीत और इंसानी रिश्तों को महत्व देने का संदेश दिया।

- Sponsored -

युवा शायर गुलाम हैदर वारसी की प्रस्तुति भी चर्चा में रही। उनकी रचना पर श्रोताओं ने जोरदार तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। डॉ. परविंद शुक्ला ने अपनी रचना को सस्वर प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने सराहा। डॉ. असगर अली के कलाम ने भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया।

कार्यक्रम में कमाल मीरापुरी, शिक्षक उपेन्द्र कुमार यादव, कमलेश्वर ओझा, आदित्य कुमार विनोद, मुरलीधर मिश्रा, महफूज अहमद, सज्जाद हुसैन सहित अन्य रचनाकारों ने भी अपनी कविताओं और शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कमर सीवानी ने अपनी रचना “करेगा झुककर सलाम हर दरिया, हमारी नाव पर हिन्दुस्तान लिखा है” प्रस्तुत कर कवि सम्मेलन को भावपूर्ण समापन की ओर पहुंचाया।

कार्यक्रम का संचालन जलेस सीवान के सचिव मार्कण्डेय ने किया। आयोजन को सफल बनाने में जिले के बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें कन्हैया चौधरी, भोगेंद्र झा, पवन पांडेय सहित कई लोग प्रमुख रूप से शामिल रहे। कवि सम्मेलन में वक्ताओं और रचनाकारों ने साहित्य को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए शांति, सद्भाव, भाईचारे और मानवता के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031