Siwan: अदालत का सख्त संदेश: मां के हत्यारे को 10 साल, जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी को उम्रकैद

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सिवान में दो अलग-अलग मामलों में अदालतों ने सुनाया फैसला, न्याय ने दिया अपराध पर करारा प्रहार

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

विधि संवाददाता। सिवान। जिले में अपराध के दो जघन्य मामलों में अदालतों ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है। एक ओर नशे में धुत होकर अपनी ही मां की हत्या करने वाले पुत्र को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा मिली है, वहीं दूसरी ओर हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा देकर न्याय ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून के सामने कोई अपराधी बच नहीं सकता।

मां के हत्यारे को 10 साल की कठोर सजा
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार त्रिपाठी की अदालत ने जीरादेई थाना क्षेत्र के ककरघाटी गांव निवासी मंटू चौरसिया को अपनी सगी मां की हत्या के जुर्म में 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर ₹10 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है, जो सूचक के पक्ष में भुगतेय होगा। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन के अनुसार मंटू चौरसिया नशे का आदी था और शराब के लिए अक्सर घर में विवाद करता था। 21 अप्रैल 2022 की सुबह भी उसने माता-पिता से शराब के लिए पैसे मांगे। मां माया देवी द्वारा विरोध करने पर उसने पास में रखे रॉड से उनके सिर पर हमला कर दिया। बचाने आए पिता गुलाबचंद चौरसिया पर भी उसने हमला किया। गंभीर चोट लगने से माया देवी की मौके पर ही मौत हो गई। पिता के बयान पर जीरादेई थाने में कांड संख्या 33/2022 दर्ज हुआ था। घटना के बाद से अभियुक्त जेल में बंद था। मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक याहिया खान और बचाव पक्ष से विशेष लोक अधिवक्ता डीएलएसए बलवंत कुमार ने बहस की।

हत्याकांड के मुख्य आरोपी को उम्रकैद
दूसरे मामले में अपर जिला न्यायाधीश नवम सुशांत रंजन की अदालत ने गोरियाकोठी थाना क्षेत्र के हत्याकांड से जुड़े मुख्य अभियुक्त सुभाष मिश्रा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 10 नवंबर 2021 का है, जब पूर्व विवाद के चलते सुभाष मिश्रा ने अपने पुत्र रोहित मिश्रा, पत्नी प्रमिला देवी और अन्य के साथ मिलकर जितेंद्र तिवारी, उनके पिता और बड़े पिता रामेश्वर तिवारी पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल रामेश्वर तिवारी की इलाज के लिए गोरखपुर ले जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई थी।

भतीजे जितेंद्र तिवारी के बयान पर गोरियाकोठी थाने में कांड संख्या 204/2021 दर्ज किया गया था। अदालत ने सुभाष मिश्रा को मुख्य आरोपी मानते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 323, 349 सहित अन्य धाराओं में एक से दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भी सुनाई है, जो साथ-साथ चलेगी। अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक याहिया खान और बचाव पक्ष से अधिवक्ता शंभू सिंह ने पक्ष रखा।

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