बाढ़ अनुमंडल परिसर में उमड़ा जनसैलाब, प्रखंड प्रमुख ने पुलिस पर लगाई सुस्ती की आरोप—कहा, पीड़ित परिवार को मिले न्याय
डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत न्यूज़ l पटना
बाढ़, संवाददाता – विकाश कुमार। बाढ़ थाना क्षेत्र के अकबरपुर चौक पर सोमवार यानी 17 नवंबर की रात मोबाइल दुकान में काम करने वाले राजकांत की गला रेतकर हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को अकबरपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीण उपेंद्र पासवान के नेतृत्व में कैंडल मार्च करते हुए बाढ़ अनुमंडल परिसर पहुंचे। लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां और पोस्टर लेकर हत्या के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।
मार्च में शामिल लोगों का कहना था कि राजकांत मेहनतकश और शांत स्वभाव का युवक था। उसकी निर्मम हत्या ने गांव को झकझोर दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मामले के सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते और कड़ी सजा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बाढ़ प्रखंड प्रमुख उपेंद्र पासवान ने पुलिस प्रशासन पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा की भावना को मजबूत रखने के लिए पुलिस को तेजी और पारदर्शिता से कार्रवाई करनी चाहिए। “हमारी मांग है कि इस मामले में शामिल हर आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले। इस तरह की घटनाएं समाज में दहशत फैलाती हैं,” उन्होंने कहा।
हालांकि बाढ़ पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन ग्रामीणों की मांग है कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष हो और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।
कैंडल मार्च के दौरान ‘राजकांत को न्याय दो’, ‘हत्यारों को फांसी दो’ जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र में रात्रि गश्ती और चौक-चौराहों पर निगरानी बढ़ाई जाए।






