नराकास मुजफ्फरपुर की 25वीं अर्द्ध-वार्षिक बैठक आयोजित, सरकारी कार्यालयों में हिंदी के अधिक प्रयोग पर जोर
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l मुजफ्फरपुर
संवाददाता। मुजफ्फरपुर।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), मुजफ्फरपुर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक (25वीं बैठक) बुधवार 28 जनवरी 2026 को समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र प्रसाद, उप महा प्रबंधक की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नगर क्षेत्र के विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, उपक्रमों एवं बैंकों के कार्यालय प्रमुखों, प्रतिनिधियों तथा राजभाषा प्रभारियों ने भाग लिया।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. विचित्र सेनगुप्त, उप निदेशक, गृह मंत्रालय (कार्यान्वयन पूर्व क्षेत्र) ने कहा कि राजभाषा हिंदी का प्रभावी क्रियान्वयन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यकुशलता का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग से आम नागरिकों के साथ संवाद सरल होता है, वहीं पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे पत्राचार, टिप्पणियों, रिपोर्टों और दैनिक कार्यों में हिंदी को प्राथमिकता दें।
पत्राचार, वेबसाइट और सॉफ्टवेयर में हिंदी पर विशेष बल
बैठक में राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोग की विस्तृत समीक्षा की गई। भारत सरकार द्वारा जारी राजभाषा नीतियों, नियमों एवं दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन पर चर्चा हुई। पत्राचार, टिप्पणियों, प्रलेखन, वेबसाइट, सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिंदी के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों की अनुपालन स्थिति की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में सीआईएसएफ के उप समादेष्टा भंवर लाल जात, सीआरपीएफ के उप समादेष्टा रजनीश कुमार, एसएसबी के उप समादेष्टा रमेश सेरवात, एसबीआई के उप महाप्रबंधक प्रफुल कुमार झा, लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक विकास कुमार, केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंजु देवी सिंह सहित विभिन्न कार्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। एनटीपीसी कांटी के परियोजना प्रमुख संजीव कुमार सुवार ने स्वागत संबोधन किया, जबकि मानव संसाधन विभाग के प्रभारी महेश कुमार सुथार ने अपने विचार रखे।
अध्यक्ष का आह्वान, नवाचार से बढ़ाएं हिंदी का प्रयोग
अध्यक्ष शैलेन्द्र प्रसाद ने सभी कार्यालयों से अपेक्षा की कि वे निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप राजभाषा कार्यान्वयन में निरंतर प्रगति सुनिश्चित करें और हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नवाचारात्मक प्रयास करें। बैठक के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यालयों की सराहना की गई।
कार्यक्रम का संचालन एनटीपीसी कांटी के राजभाषा अधिकारी जयंत राजवंशी ने किया। सदस्य सचिव अनुप कुमार तिवारी ने नराकास प्रस्ताव एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अंत में केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंजु देवी सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक का समापन हुआ।






