Rural Connectivity Kaimur : दुघरा में पुल नहीं होने से दर्जनों गांवों का आवागमन ठप, नाव पर मरीज और बच्चे जाते हैं बाजार-स्कूल

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कैमूर : पुल नहीं होने से रोज़ाना जोखिम उठाकर नदी पार कर रहे ग्रामीण

जिला पार्षद ने सरकार से पुल निर्माण की रखी मांग

बिहार डेस्क l केएमपी भारत l पटना

कैमूर। अजीत कुमार। लगातार बारिश से कैमूर जिले की नदियां उफान पर हैं। भभुआ प्रखंड के दुघरा गांव से होकर बहने वाली दुर्गावती नदी पर पुल नहीं होने से दर्जनों गांव के लोगों की जिंदगी रोज़ जोखिम में पड़ रही है। ग्रामीण नाव के सहारे ही मरीजों को अस्पताल और बच्चों को स्कूल भेजने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि दुघरा, खनेठी, हथियावान, परमालपुर, होरलापुर और बगैचा जैसे गांवों के लोग हर दिन अपनी जान दांव पर लगाकर नदी पार करते हैं। पुल नहीं होने से उन्हें 15 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर जीटी रोड तक पहुंचना पड़ता है। जबकि यदि पुल बन जाए तो महज 500 मीटर की दूरी पर ही सड़क से जुड़ाव हो जाएगा।

गांव के लोगों का कहना है कि बरसात में नदी पार करना सबसे खतरनाक हो जाता है। कई बार नाव पलटने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशानी झेलते हैं। एक ग्रामीण ने कहा, “मरीज को नाव से ले जाना पड़ता है, मन में डर बना रहता है कि कहीं हादसा न हो जाए।”

गांव पहुंचे भभुआ जिला परिषद सदस्य विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा, “मैं ग्रामीणों के बुलावे पर आया हूं। सरकार से जल्द मांग करूंगा कि यहां पुल का निर्माण कराया जाए। पुल बन जाने से हजारों की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी।”

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने अब तक इस क्षेत्र की अनदेखी की है। इस बार उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुल नहीं बना तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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