Siwan News: भारत छोड़ो आंदोलन की याद में निकला प्रतिरोध मार्च, महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ गरजे किसान-मजदूर

Share

चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, एमएसपी की कानूनी गारंटी और प्रतापपुर के भूमिहीनों को अधिकार पत्र देने की उठी मांग

पॉलिटिकल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l सीवान।

भारत छोड़ो आंदोलन की स्मृति में रविवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), बिहार राज्य किसान सभा एवं खेतिहर मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, सार्वजनिक उपक्रमों एवं सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण, चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के माध्यम से श्रमिक अधिकारों पर कथित हमले तथा किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शनकारियों ने आवाज बुलंद की।

प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व फूल मोहम्मद अंसारी, अर्जुन यादव, गणेश राम, योगेन्द्र सिंह, बिपिन बिहारी सिंह एवं इमाम हुसैन ने किया। मार्च श्रीनगर स्थित पार्टी कार्यालय से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक नारे लगाते हुए बबुनिया मोड़ की ओर बढ़े। इसके बाद मार्च जेपी चौक पहुंचा, जहां यह सभा में तब्दील हो गया।

सभा को संबोधित करते हुए फूल मोहम्मद अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार गैर लोकतांत्रिक तरीके से किसानों, मजदूरों और विद्यार्थियों को तबाह करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। सार्वजनिक उपक्रमों और सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण से आम जनता के हित प्रभावित हो रहे हैं।

- Sponsored -

उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की। साथ ही किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने से कृषि क्षेत्र संकट में है।

मार्च के दौरान अमेरिकी साम्राज्यवाद के समक्ष भारतीय संप्रभुता को गिरवी रखने का भी विरोध किया गया। इसके अलावा प्रतापपुर में बसे भूमिहीन परिवारों को अधिकार पत्र देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्षों से जमीन पर बसे भूमिहीन लोगों को उनके अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

सभा में वक्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार से किसान, मजदूर, छात्र और भूमिहीन परिवारों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031