Saran: सारण में ‘सहयोग शिविर’ को लेकर सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, हर आवेदन की होगी ट्रैकिंग

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तीन सेक्टर में बांटकर वरीय अधिकारियों की तैनाती; समयबद्ध निष्पादन और पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर

डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l छपरा।

बिहार सरकार की नई पहल “सहयोग शिविर” को प्रभावी बनाने के लिए सारण जिला प्रशासन ने मजबूत मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू कर दी है। आमजन से प्राप्त आवेदनों और शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकास भवन, छपरा में एक विशेष कोषांग का गठन किया गया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देश पर विभिन्न वरीय पदाधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कर जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय कर दी गई हैं।

प्रशासन ने पूरे जिले को तीन सेक्टर में विभाजित कर अलग-अलग प्रखंडों के लिए अधिकारियों की टीम बनाई है। पहले सेक्टर में बनियापुर, एकमा, जलालपुर, लहलादपुर, मांझी, सदर छपरा और रिविलगंज प्रखंड शामिल हैं। यहां संयुक्त निदेशक (प्रशासन) मंजीत कुमार, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार और वरीय उप समाहर्ता जेबा अर्शी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दूसरे सेक्टर में अमनौर, मढ़ौरा, मशरक, तरैया, पानापुर, इसुआपुर और नगरा प्रखंड को रखा गया है। इस क्षेत्र की मॉनिटरिंग के लिए संयुक्त सचिव सुबोध कुमार, अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) शिव कुमार पंडित और सहायक निदेशक पूजा कुमारी को तैनात किया गया है।

वहीं तीसरे सेक्टर में दरियापुर, दिघवारा, सोनपुर, परसा, मकेर और गरखा प्रखंड को शामिल करते हुए अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) प्रमोद कुमार पांडेय, उप सचिव प्रियंका कुमारी और अपर जिला परिवहन पदाधिकारी सुलेमान आलम को जिम्मेदारी दी गई है।

इन सभी पदाधिकारियों का मुख्य दायित्व सहयोग शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों का अनुश्रवण, पर्यवेक्षण और निष्पादन सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हर आवेदन संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तय समय सीमा के भीतर निपटाया जाएगा। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी और उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। साथ ही आवेदकों को उनके मामलों की प्रगति की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए तकनीकी टीम भी तैनात की गई है। जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी तारिणी कुमार और आईटी मैनेजर मुन्ना कुमार को डेटा प्रबंधन और ऑनलाइन ट्रैकिंग की जिम्मेदारी दी गई है। इससे हर आवेदन की स्थिति रियल टाइम में मॉनिटर की जा सकेगी।

जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे सहयोग शिविर के उद्देश्य के अनुरूप कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि यह पहल आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए है, इसलिए हर आवेदन का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

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