Book Release Ceremony: एक पुस्तक में सभी देवी-देवताओं की आरती, सीवान में ‘शक्ति आरती संग्रह 2026’ का भव्य विमोचन

Share

एसडीओ आशुतोष कुमार गुप्ता और डीपीआरओ उपेंद्र कुमार यादव ने किया लोकार्पण

सैकड़ों बच्चों की मौजूदगी में अतिथियों ने की पहल की सराहना, बोले- भक्ति के साथ संस्कारों से भी जुड़ेंगे बच्चे

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l सीवान ।

धार्मिक आस्था, भक्ति और भारतीय संस्कृति की परंपराओं को एक पुस्तक के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने की पहल के तहत सोमवार को सीवान में KMP भारत की प्रस्तुति ‘शक्ति आरती संग्रह 2026’ का भव्य विमोचन किया गया। गांधी मैदान स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल परिसर में आयोजित समारोह में सीवान सदर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) आशुतोष कुमार गुप्ता और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) उपेंद्र कुमार यादव ने संयुक्त रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में सैकड़ों बच्चों के साथ शिक्षाविदों, समाजसेवियों, कला-संस्कृति से जुड़े लोगों और विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक साहित्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। एक ही पुस्तक में विभिन्न देवी-देवताओं की आरतियों का संकलन होने से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। अतिथियों ने KMP भारत के संपादक कृष्ण मुरारी पांडेय और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की।

पूजा-पाठ में आरती का विशेष महत्व : एसडीओ

पुस्तक के विमोचन के बाद एसडीओ आशुतोष कुमार गुप्ता ने ‘शक्ति आरती संग्रह 2026’ की सराहना करते हुए कहा कि इस पुस्तक में विभिन्न देवी-देवताओं की आरतियां एक ही जगह उपलब्ध हैं। इससे श्रद्धालुओं को अलग-अलग आरतियों के लिए कई पुस्तकों की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने इसे KMP भारत के संपादक कृष्ण मुरारी पांडेय की अच्छी पहल बताते हुए पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। https://youtu.be/TiU-kEbPMII?si=qwKMJLtSJ8izz5Bx

- Sponsored -

उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ में आरती का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा के दौरान हुई त्रुटियों के लिए क्षमा-प्रार्थना और आरती को पूजा की पूर्णता से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए श्रद्धालुओं को पूजा के बाद आरती अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों से इस पुस्तक का लाभ उठाने और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहने की अपील की।

हर घर में हो आरती संग्रह की पुस्तक : डीपीआरओ

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपेंद्र कुमार यादव ने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले प्रत्येक व्यक्ति के घर में आरती की एक पुस्तक अवश्य होनी चाहिए। ‘शक्ति आरती संग्रह 2026’ विभिन्न आरतियों का अच्छा संकलन है। इसे घरों में रखने से परिवार के सदस्यों को पूजा-पाठ के दौरान आरतियां पढ़ने में सुविधा होगी।

बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। शिक्षा जहां जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती है, वहीं संस्कार व्यक्ति को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। भगवान की आरती और धार्मिक साहित्य बच्चों में संस्कारों के विकास का माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने इस पहल को सराहनीय बताते हुए पुस्तक को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बच्चों को संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बनेगी पुस्तक : अशोक कुमार सिंह

सिटी मोंटेसरी स्कूल के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के साथ-साथ अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की जानकारी देना भी जरूरी है। ‘शक्ति आरती संग्रह 2026’ जैसी पुस्तक बच्चों को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने और परिवार में धार्मिक-सांस्कृतिक वातावरण बनाए रखने में सहायक हो सकती है।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों और परिवारों की जिम्मेदारी है कि बच्चों में शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित की जाए। ऐसे आयोजन इस दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाते हैं।

धार्मिक साहित्य समाज को जोड़ता है : भगवान जी पांडेय

भोजपुरी फिल्म अभिनेता भगवान जी पांडेय ने ‘शक्ति आरती संग्रह 2026’ के प्रकाशन को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में भजन, आरती और धार्मिक साहित्य का विशेष स्थान है। ऐसे संकलन श्रद्धालुओं को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने में मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर साहित्य के प्रकाशन से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों को समझने का अवसर मिलता है। इस तरह की पहल को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

आरती संग्रह से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा : विजय कुमार श्रीवास्तव

कला निकेतन के निदेशक विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ‘शक्ति आरती संग्रह 2026’ धार्मिक आस्था और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को एक साथ प्रस्तुत करने का अच्छा प्रयास है। एक ही पुस्तक में विभिन्न देवी-देवताओं की आरतियां उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं को पूजा के समय सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि साहित्य और संस्कृति एक-दूसरे के पूरक हैं। धार्मिक पुस्तकों के माध्यम से हमारी परंपराएं एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचती हैं। KMP भारत की यह पहल आस्था के साथ सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

शिक्षाविदों, समाजसेवियों और मीडिया प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

विमोचन समारोह में सुभवंती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के हेड ऑफ डिपार्टमेंट राजीव रंजन श्रीवास्तव, सिटी मोंटेसरी स्कूल के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह, कला निकेतन के निदेशक विजय कुमार श्रीवास्तव, भाजपा नेत्री एवं समाजसेविका लिसा लाल, भाजपा नेत्री पूनम गिरी, भोजपुरी फिल्म अभिनेता भगवान जी पांडेय, वरिष्ठ शिक्षक संजय श्रीवास्तव, अरुणेश कुमार दुबे, कुमारी पार्वती, कुशवाहा, अनिल कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक विनय कुमार श्रीवास्तव ने किया।

समारोह में सैकड़ों बच्चों की मौजूदगी विशेष आकर्षण रही। अतिथियों ने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारों का महत्व समझने और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने का संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने पुस्तक के संकलन और प्रकाशन के प्रयासों की सराहना की।

संपादक कृष्ण मुरारी पांडेय ने जताया आभार

KMP भारत के संपादक कृष्ण मुरारी पांडेय ने पुस्तक विमोचन समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों, मीडिया प्रतिनिधियों, शिक्षकों और बच्चों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘शक्ति आरती संग्रह 2026’ के प्रकाशन का उद्देश्य विभिन्न देवी-देवताओं की आरतियों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना और धार्मिक-सांस्कृतिक साहित्य को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि पुस्तक को लेकर अतिथियों की सराहना और शुभकामनाएं KMP भारत की पूरी टीम के लिए उत्साहवर्धक हैं। उन्होंने विशेष रूप से एसडीओ आशुतोष कुमार गुप्ता और डीपीआरओ उपेंद्र कुमार यादव के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया, जिन्होंने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

कृष्ण मुरारी पांडेय ने सिटी मोंटेसरी स्कूल प्रबंधन, कार्यक्रम के संचालन में सहयोग देने वाले शिक्षकों, उपस्थित बच्चों और सभी सहयोगियों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी KMP भारत के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित से जुड़े प्रयास जारी रखने की कोशिश की जाएगी।

सैकड़ों बच्चों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न यह समारोह धार्मिक साहित्य, सांस्कृतिक चेतना और नई पीढ़ी में संस्कारों के महत्व को रेखांकित करने वाला आयोजन रहा।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031