न्याय के साथ विकास की सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम कदम, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर रोजगार तक पर फोकस
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। महाराजगंज।
शिक्षक नेता डॉ. आनंद ने बिहार विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब बताते हुए कहा कि यह बजट न्याय के साथ सबका विकास के संकल्प को सशक्त करेगा। उनके अनुसार यह बजट बिहार के समग्र, संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत और ठोस पहल है।
डॉ. आनंद ने कहा कि बजट में समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को केंद्र में रखकर योजनाओं का प्रावधान किया गया है। गरीब, किसान, श्रमिक, युवा, महिला, दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक—सभी वर्गों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है। इससे सामाजिक न्याय और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन स्थापित होगा।
उन्होंने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए प्रावधान भविष्य के मजबूत बिहार की नींव रखेंगे। विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, शिक्षकों के प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
कृषि और ग्रामीण विकास के लिए बजट में किए गए प्रावधान किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। वहीं आधारभूत संरचना—सड़क, पुल, बिजली और पेयजल—के विकास से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
डॉ. आनंद ने कहा कि रोजगार सृजन और युवाओं के कौशल विकास पर दिया गया जोर यह स्पष्ट करता है कि सरकार तात्कालिक समाधान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास की रणनीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अपनाया गया यह विकास मॉडल बिहार को आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।






