Social Service: हर शनिवार ‘मां का प्रसाद’ बन रहा सेवा और आस्था का संगम, आज पांचवें सप्ताह में होगा वितरण

Share

केएमपी भारत डिजिटल न्यूज़ चैनल की पहल से शुरू अभियान को मिल रहा जनसहयोग

दोपहर 1 बजे मिलन सेवा समिति हनुमान मंदिर परिसर में होगा प्रसाद वितरण

धर्म अध्यात्म डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता l सिवान।

शहर में सामाजिक सेवा और धार्मिक आस्था को एक साथ जोड़ने वाली पहल “मां का प्रसाद” अब लगातार लोगों के बीच अपनी खास पहचान बना रही है। केएमपी भारत डिजिटल न्यूज़ चैनल की पहल पर शुरू किया गया यह अभियान आज अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। हर शनिवार आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण के माध्यम से सेवा का संदेश दे रहा है।

जानकारी के अनुसार, आज शनिवार दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक सिवान के मिलन सेवा समिति हनुमान मंदिर परिसर, विदुरती हाता में प्रसाद का वितरण किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत 23 मई 2026 से की गई थी और तब से लगातार हर सप्ताह यह कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित हो रहा है।

कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा संचालित इस विशेष अभियान के तहत तपती गर्मी में लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से राहगीरों, श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के बीच मां के प्रसाद के साथ शीतल पानी की बोतल वितरित की जाती है। यह पहल न सिर्फ सेवा और सहयोग का संदेश दे रही है, बल्कि भीषण गर्मी में लोगों को राहत पहुंचाने का भी एक सार्थक प्रयास बन गई है।

केएमपी भारत डिजिटल न्यूज़ के स्टेट ब्यूरो कृष्ण मुरारी पांडेय और “मां का प्रसाद” अभियान के प्रभारी, गोपाल फार्मा के डायरेक्टर विवेक लाल ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना भी है।

उन्होंने कहा कि जनसहयोग के माध्यम से इस कार्यक्रम को एक बड़े सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक मदद और सहयोग पहुंच सके। स्थानीय लोगों का भी इस पहल को लगातार समर्थन मिल रहा है, जिससे अभियान को मजबूती मिल रही है।

अभियान से जुड़े लोगों ने आमजन से अपील की है कि वे इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। “मां का प्रसाद” में सहयोग या कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी के लिए 9431448840 पर संपर्क किया जा सकता है। यह पहल अब सिवान में सेवा और समर्पण का प्रतीक बनती जा रही है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930