Exclusive Interview: “स्कूल प्रबंधन में अनुभव और संवाद सबसे बड़ी ताकत, बच्चों को परीक्षा से वंचित करना गलत”

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डॉन बॉस्को हाई स्कूल, बैसाखी (सिवान) के डायरेक्टर डॉ. के. कोसी वैद्यायन उर्फ राजू सर से खास बातचीत;

बोले- अभिभावकों की भागीदारी से ही बनेगा बच्चों का बेहतर भविष्य


एजुकेशन डेस्क l केएमपी भारत l पटना/सिवान
आज के दौर में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह बच्चों के समग्र विकास का आधार बन चुकी है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। एक बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने के लिए अनुभव, अनुशासन और अभिभावकों के साथ मजबूत संवाद जरूरी है। इन्हीं मुद्दों पर केएमपी भारत डिजिटल के स्टेट ब्यूरो (बिहार) कृष्ण मुरारी पांडेय ने डॉन बॉस्को हाई स्कूल, बैसाखी (सिवान) के डायरेक्टर डॉ. के. कोसी वैद्यायन उर्फ राजू सर से खास बातचीत की। उन्होंने खुलकर स्कूल संचालन, अभिभावकों की जिम्मेदारी और बच्चों के भविष्य से जुड़े कई अहम पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। https://youtu.be/E9BBBlS6waI?si=5Kpk5Y3rnSccVzZR


सवाल: एक अच्छे स्कूल प्रबंधन के लिए सबसे जरूरी क्या है?
जवाब (राजू सर): स्कूल संचालन के लिए केवल संसाधन नहीं, बल्कि लंबे समय का अनुभव और समझ जरूरी होती है। सबसे अहम यह है कि प्रबंधन अभिभावकों की बातों को ध्यान से सुने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करे। जब स्कूल और पैरेंट्स के बीच विश्वास बनता है, तभी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलती है।


सवाल: आज के स्कूल सिस्टम में कौन-सी समस्या आपको सबसे गंभीर लगती है?
जवाब: सबसे बड़ी समस्या यह है कि कुछ स्कूल फीस के अभाव में बच्चों को परीक्षा में बैठने से रोक देते हैं। यह बिल्कुल गलत है। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इसे किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं किया जाना चाहिए।


सवाल: अभिभावकों की भूमिका को आप कितना महत्वपूर्ण मानते हैं?
जवाब: अभिभावकों की भूमिका बेहद अहम है। सिर्फ स्कूल पर निर्भर रहना सही नहीं है। पैरेंट्स को रोज अपने बच्चों से बातचीत करनी चाहिए—आज क्या पढ़ा, क्या नया सीखा और स्कूल प्रबंधन से भी जानने की कोशिश करें कि उनके बच्चों का परफॉर्मेंस क्लास में कैसा है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

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सवाल: बच्चों को कम उम्र में मिलने वाली सुविधाओं पर आपका क्या नजरिया है?
जवाब: अभिभावकों के द्वारा आजकल बच्चों को जरूरत से ज्यादा सुविधाएं दी जा रही हैं, जैसे बाइक, महंगे मोबाइल फोन या खर्च करने के लिए अननेसेसरी कैश देना। ये चीजें उनके लिए नुकसानदायक हो सकती हैं, क्योंकि इससे उनका ध्यान पढ़ाई से भटकता है। अभिभावकों को इस पर नियंत्रण रखना चाहिए।


सवाल: स्कूल और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल कैसे संभव है?
जवाब: इसके लिए नियमित संवाद बहुत जरूरी है। स्कूल जब भी पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग (PTM) आयोजित करे, अभिभावकों को उसमें जरूर शामिल होना चाहिए। यह एक ऐसा मंच है जहां बच्चों के प्रदर्शन, व्यवहार और सुधार के पहलुओं पर खुलकर चर्चा होती है।


सवाल: बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आपका क्या संदेश है?
जवाब: शिक्षा एक साझा जिम्मेदारी है। स्कूल और अभिभावक दोनों को मिलकर काम करना होगा। जब दोनों के बीच सही तालमेल और सहयोग होगा, तभी बच्चे जीवन में आगे बढ़ पाएंगे और एक बेहतर समाज का निर्माण होगा।


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