आपात बैठक में पारित हुआ निंदा प्रस्ताव, शिक्षा जगत के सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट हुए बुद्धिजीवी और पत्रकार
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सिवान।
बौद्धिक विकास मंच, सिवान के सम्मानित सदस्यों की एक आपात बैठक मंगलवार को मंच के अध्यक्ष सह मजहरूल हक डिग्री कॉलेज तरवारा के पूर्व प्राचार्य किशोर कुमार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रो. डॉ. परमेंद्र कुमार बाजपेयी के साथ विश्वविद्यालय परिसर में कुछ शरारती तत्वों द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की गई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि कुलपति जैसे उच्च शिक्षाविद और विश्वविद्यालय के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर आसीन व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि संपूर्ण शिक्षा जगत की गरिमा पर भी आघात है। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय ज्ञान, अनुशासन और शैक्षणिक मूल्यों का केंद्र होता है तथा वहां इस प्रकार की घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर प्रशासन एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन से मांग की गई कि घटना में शामिल शरारती तत्वों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। मंच के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि बौद्धिक विकास मंच शिक्षा जगत के सम्माननीय कुलपति प्रो. डॉ. परमेंद्र कुमार बाजपेयी के साथ मजबूती से खड़ा है और शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए हर स्तर पर अपना समर्थन देता रहेगा।

बैठक में प्रो. उदय शंकर पांडेय, डॉ. मनोज कुमार सिंह, प्रो. जयप्रकाश नारायण सिंह, प्रो. राम सुरेश सिंह, प्रो. अरविंद यादव सहित अनेक शिक्षाविद उपस्थित रहे। इसके अलावा पत्रकार डॉ. अशोक प्रियवंद, अरविंद कुमार पाठक, श्याम शंकर प्रसाद सहित कई गणमान्य लोगों ने भी बैठक में भाग लिया और घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।






