3 दिनों में दस्तावेज जमा करने का निर्देश, नवीगंज उर्दू हाई स्कूल को 24 घंटे का अल्टीमेटम
एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सिवान
सिवान जिले के वित्तरहित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को मिले अनुदान की प्रक्रिया अब जांच के घेरे में आ गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने शैक्षणिक सत्र 2007-08 एवं 2008-09 के लंबित अनुदान भुगतान से जुड़े मामलों की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में जिले के 10 विद्यालयों और एक इंटर कॉलेज से विस्तृत अभिलेख मांगे गए हैं।
यह कार्रवाई माध्यमिक शिक्षा निदेशक, बिहार के निर्देश पर की जा रही है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि केवल वही संस्थान अनुदान के पात्र होंगे जिन्होंने स्थापना अनुमति एवं प्रस्वीकृति से संबंधित सभी शर्तों को पूरा किया हो।
इन स्कूलों से मांगे गए जरूरी कागजात

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जिन विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें मैरवा का एम.एस. कॉलेज, खोरबलिया का केशव बालिका उच्च विद्यालय, सहसरांव का बालिका उच्च विद्यालय, चकरी का जगदीश ब्रह्म हाई स्कूल, नवलपुर बड़हरिया का भोला लाल बहादुर बालिका उच्च विद्यालय, सिकंदरपुर उच्च विद्यालय, राजी राम सुन्दर हाई स्कूल राम नगर सुहई, सिंहासिनी देवी गर्ल्स स्कूल सिवान, रामाशीष वर्मा गर्ल्स हाई स्कूल रोशन नगर, जय प्रकाश ईश्वरी प्रसाद स्मारक सहित कुल 10 संस्थान शामिल हैं।
इन संस्थानों को तीन दिनों के भीतर स्वयं उपस्थित होकर निम्न दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है —
- 19 मई 2009 के विभागीय संकल्प के अनुसार न्यूनतम मानक पूर्ण करने के प्रमाण
- इंटरमीडिएट शिक्षा परिषद से संबद्धता की अधिसूचना
- पूर्व में प्राप्त अनुदान का साक्ष्य
- अनुदान के लिए किए गए दावे के दस्तावेज
- वर्तमान संबद्धता की स्थिति
- तत्कालीन प्रबंध समिति का विवरण
- संबंधित सत्र में उत्तीर्ण छात्रों की संख्या
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इसे “सर्वोच्च प्राथमिकता” का मामला बताते हुए स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट तैयार कर निदेशक माध्यमिक शिक्षा को भेजी जाएगी।
नवीगंज उर्दू हाई स्कूल पर अनियमितता का संदेह

इसी क्रम में मौलवी इस्माईल मेमोरियल उर्दू हाई स्कूल, नवीगंज (बड़हरिया) को अलग से नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई विद्यालय के शिक्षक इसराद अहमद की शिकायत के बाद हुई।
बताया गया कि 12 फरवरी 2024 को हुए औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन अनुदान वितरण से संबंधित कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इससे अनुदान वितरण में गंभीर अनियमितता की आशंका जताई गई है।
अब विद्यालय के प्राचार्य को 24 घंटे के भीतर सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
अनुदान प्रक्रिया पर कड़ी नजर
शिक्षा विभाग अब पुराने लंबित अनुदानों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाता दिख रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिन संस्थानों द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गई होंगी, उन्हें अनुदान से वंचित किया जा सकता है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने साफ संकेत दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। ऐसे में जिले के कई शिक्षण संस्थानों में हलचल तेज हो गई है।






