Collectorate Breaking: सिवान नगर परिषद के कार्यपालक सहायक बर्खास्त, फर्जी कार्यादेश और वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद DM का बड़ा एक्शन

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प्रतिनियुक्ति के बावजूद नगर परिषद में कार्य, बिना अनुमति अनुपस्थिति और निजी संचिका न लौटाने का मामला भी आया सामने


डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान

सिवान में प्रशासनिक अनुशासनहीनता और वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोपों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यपालक सहायक रंजीत कुमार शर्मा की सेवा समाप्त कर दी है। यह आदेश जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय द्वारा जारी किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

जिला स्थापना शाखा से जारी आदेश के अनुसार, रंजीत कुमार शर्मा को 29 अक्टूबर 2024 को प्रशासनिक दृष्टिकोण से नगर परिषद, सिवान से प्रखंड कार्यालय लकड़ी नबीगंज में प्रतिनियुक्त किया गया था। लेकिन आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के लंबे समय तक नगर परिषद में ही कार्य करना जारी रखा। इस दौरान उनके विरुद्ध विभिन्न माध्यमों से शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें वित्तीय घोटाले और भ्रष्टाचार में संलिप्तता जैसे गंभीर आरोप शामिल थे।

प्रशासन ने इस मामले में 9 जनवरी 2026 को उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। आरोप था कि उन्होंने विभागीय आदेशों की अवहेलना करते हुए नगर परिषद में पुनः कार्य किया, जिससे वित्तीय एवं प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन हुआ। हालांकि, उनके द्वारा दिए गए जवाब को असंतोषजनक मानते हुए प्रशासन ने खारिज कर दिया।

मामला तब और गंभीर हो गया जब नगर परिषद के नगर प्रबंधक ने 5 जनवरी 2026 को महादेवा थाना में उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप है कि उन्होंने विभिन्न योजनाओं के कार्यादेश फर्जी तरीके से निर्गत किए। इस संबंध में महादेवा थाना कांड संख्या 02/2026 दर्ज किया गया।

इसके अलावा, स्थापना उप समाहर्ता द्वारा मांगी गई व्यक्तिगत विवरणी के क्रम में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने 7 फरवरी 2026 को सूचित किया कि रंजीत कुमार शर्मा ने नगर परिषद में योगदान हेतु अपनी निजी संचिका ली, लेकिन बाद में उसे वापस नहीं किया।

उधर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, दरौली ने भी 16 जनवरी 2026 को रिपोर्ट भेजकर बताया कि रंजीत कुमार शर्मा 6 जनवरी 2026 से लगातार बिना अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित हैं।

प्रशासन ने अपने आदेश में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के 26 फरवरी 2019 के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट प्रावधान है कि सेवा असंतोषजनक होने या अनुशासनहीनता की स्थिति में नियुक्ति प्राधिकार द्वारा सेवा समाप्त की जा सकती है।

इन सभी आरोपों और प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा के बाद जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया कि रंजीत कुमार शर्मा का स्पष्टीकरण अस्वीकार्य है। फलस्वरूप, उनकी सेवा कार्यपालक सहायक के पद से समाप्त कर दी गई।

इस कार्रवाई के बाद आदेश की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है, ताकि आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।

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