केएमपी भारत डिजिटल मीडिया की पहल बनी जनसेवा का केंद्र
भीषण गर्मी और उमस के बीच यात्रियों को मिला राहत का सहारा
समाजसेवियों ने बताया अनुकरणीय अभियान
धर्म अध्यात्म न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संजीव कुमार l पटना/सीवान।
सेवा, श्रद्धा और सामाजिक सरोकार का संगम बन चुका केएमपी भारत डिजिटल मीडिया का “मां का प्रसाद अभियान” शनिवार को अपने सातवें सप्ताह में भी उसी उत्साह और समर्पण के साथ जारी रहा। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम के बीच आयोजित इस अभियान में एक बार फिर आस्था की भारी भीड़ उमड़ी और 500 से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। खास बात यह रही कि बस, बाइक, साइकिल, ट्रक और कार जैसे विभिन्न वाहनों से गुजरने वाले यात्रियों ने रुककर प्रसाद ग्रहण किया और इस पहल की खुले दिल से सराहना की। https://youtu.be/gOHkfv8zr5w?si=GjnmnFZRJSZEuYJr
लगातार सातवें शनिवार आयोजित इस अभियान ने अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेना शुरू कर दिया है। सड़क से गुजरने वाले यात्रियों के लिए यह केवल प्रसाद ग्रहण करने का अवसर नहीं, बल्कि राहत, सम्मान और अपनापन महसूस कराने वाला मंच बन गया है। कार्यक्रम स्थल पर दोपहर 12 बजे से ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी और दोपहर 02 बजे तक बड़ी संख्या में राहगीरों ने यहां पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।

केएमपी भारत डिजिटल मीडिया के स्टेट ब्यूरो कृष्ण मुरारी पांडेय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल प्रसाद वितरण नहीं, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करना है। आयोजकों का कहना है कि मां के आशीर्वाद से यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है और हर सप्ताह लोगों का समर्थन बढ़ता जा रहा है।

शनिवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूर्व प्रखंड प्रमुख सीवान सदर कृष्णा पांडेय, बाबा नागेश्वर दास उर्फ लाफिंग बुद्धा, वार्ड पार्षद श्रीमती लिसा लाल, पोस्ट ऑफिस अभिकर्ता संजीव कुमार, शिक्षक पवन पांडेय, गोपाल फार्मा एंड वैक्सीन स्पेशलिटी के डायरेक्टर विवेक लाल तथा वार्ड नंबर 5 निवासी गोपीचंद पासवान प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

पूर्व प्रखंड प्रमुख सीवान सदर कृष्णा पांडेय ने कहा कि “आज के दौर में जहां लोग अपने निजी जीवन में व्यस्त हैं, वहां इस तरह की सेवा भावना समाज को नई दिशा देती है। केएमपी भारत का यह अभियान वास्तव में अनुकरणीय है और इसे हर स्तर पर समर्थन मिलना चाहिए।”
बाबा नागेश्वर दास उर्फ लाफिंग बुद्धा ने कहा कि “मां का प्रसाद बांटना केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे सुंदर रूप है। यहां आकर मन को शांति मिलती है और लोगों के चेहरे पर संतोष देखकर आत्मिक सुख मिलता है।”

वार्ड पार्षद श्रीमती लिसा लाल ने अपने संबोधन में कहा कि “इस प्रकार के अभियान समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। राहगीरों को इस भीषण गर्मी में राहत देना बहुत बड़ा पुण्य का कार्य है। मैं इस पहल की सराहना करती हूं।”
पोस्ट ऑफिस अभिकर्ता संजीव कुमार ने कहा कि “सात सप्ताह तक लगातार इस अभियान को चलाना आसान नहीं है। इसके पीछे समर्पण और सेवा की सच्ची भावना दिखती है। यह समाज के लिए प्रेरणादायक है।”

शिक्षक पवन पांडेय ने कहा कि “नई पीढ़ी को ऐसे कार्यों से सीख लेने की जरूरत है। समाज में बदलाव केवल बड़े भाषणों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सेवा कार्यों से आता है।”
गोपाल फार्मा एंड वैक्सीन स्पेशलिटी के डायरेक्टर विवेक लाल ने कहा कि “आज के दौर में जहां हर चीज व्यवसायिक हो गई है, वहां निस्वार्थ सेवा का यह उदाहरण अत्यंत सराहनीय है। मैं इस अभियान से जुड़कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।”
वहीं गोपीचंद पासवान ने कहा कि “मैंने लगातार इस अभियान को बढ़ते देखा है। हर सप्ताह लोगों की संख्या बढ़ रही है, जो इसकी लोकप्रियता और उपयोगिता को दर्शाता है।”

कार्यक्रम में पहुंचे राहगीरों ने भी प्रसाद ग्रहण करने के बाद अपनी खुशी जाहिर की। कई यात्रियों ने कहा कि सफर के दौरान इस तरह की सेवा मिलना बहुत राहत देता है। लोगों ने आयोजकों को धन्यवाद देते हुए इसे निरंतर जारी रखने की अपील की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि “मां का प्रसाद अभियान” अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की नई मिसाल बन चुका है। जिस तरह हर शनिवार सैकड़ों लोग यहां पहुंच रहे हैं, उससे साफ है कि यह पहल आने वाले दिनों में और बड़ा स्वरूप ले सकती है।
उल्लेखनीय है कि केएमपी भारत डिजिटल मीडिया की यह पहल न सिर्फ राहगीरों को राहत पहुंचा रही है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रही है कि छोटी-छोटी कोशिशें भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकती हैं।






