KVS Breaking: महाराजगंज केंद्रीय विद्यालय को मिली 6 एकड़ जमीन, जल्द शुरू होगा भवन निर्माण

Share

छोटका टेघड़ा गांव में बनेगा स्थायी परिसर, वर्षों की प्रतीक्षा खत्म

एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता। महाराजगंज।
महाराजगंज केंद्रीय विद्यालय के लिए बड़ी राहत की खबर है। विद्यालय भवन निर्माण के लिए 6 एकड़ जमीन का आवंटन कर दिया गया है। यह जमीन महाराजगंज प्रखंड के छोटका टेघड़ा गांव में स्थित है। जमीन मिलने के साथ ही अब केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। वर्षों से अस्थायी रूप से संचालित हो रहे विद्यालय को जल्द ही अपना स्थायी ठिकाना मिलने की उम्मीद है।

निबंधन कार्यालय में सौंपे गए कागजात
मंगलवार को महाराजगंज निबंधन कार्यालय में औपचारिक रूप से जमीन के कागजात केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य हेमंत कुमार को सौंपे गए। इस अवसर पर रजिस्ट्रार लखन कुमार, अंचलाधिकारी (सीओ) जितेंद्र कुमार और बीपीआरओ आकाश कुमार मिंज उपस्थित रहे। सीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि टेघड़ा पंचायत की 6 एकड़ सरकारी भूमि की विधिवत मापी कर सभी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

अब जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
सीओ ने कहा कि जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा भवन निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। इससे क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं मिल सकेंगी। जमीन मिलने की खबर से क्षेत्र के अभिभावकों और स्थानीय लोगों में खुशी देखी जा रही है।

अस्थायी परिसर में चल रहा है पठन-पाठन
गौरतलब है कि 30 जून 2025 को महाराजगंज केंद्रीय विद्यालय का विधिवत उद्घाटन गोरख सिंह महाविद्यालय परिसर में किया गया था। उद्घाटन स्थानीय सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने जिला पदाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश और केंद्रीय विद्यालय संगठन पटना संभाग के उपायुक्त अनुराग भटनागर की उपस्थिति में किया था। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई और वर्तमान में पठन-पाठन गोरख सिंह महाविद्यालय के एक हिस्से में संचालित हो रहा है।

2011 में हुई थी विद्यालय की स्थापना
महाराजगंज केंद्रीय विद्यालय की स्थापना वर्ष 2011 में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के प्रयास से हुई थी। तब विद्यालय दरौंदा प्रखंड के उजाय गांव स्थित गौरीशंकर उच्च विद्यालय परिसर में संचालित होता था। वहां तीन कमरों में विद्यालय का संचालन किया जा रहा था।

जर्जर भवन बना संकट का कारण
विद्यालय भवन जर्जर होने के कारण कुछ वर्ष पूर्व केंद्रीय विद्यालय संगठन ने नए नामांकन पर रोक लगा दी थी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मार्च 2025 में विद्यालय बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। जैसे ही यह खबर मीडिया में आई, विद्यालय को बचाने के लिए जनआंदोलन शुरू हुआ।

सांसद के प्रयास से बचा विद्यालय
स्थानीय सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के अथक प्रयास से 1 जुलाई 2025 से गोरख सिंह महाविद्यालय परिसर में अस्थायी रूप से विद्यालय का संचालन शुरू किया गया। अब स्थायी जमीन मिलने के बाद विद्यालय के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पूरी तरह समाप्त होती दिख रही है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728