डीएम विवेक रंजन मैत्रेय और एसपी पूरन कुमार झा की संयुक्त ब्रीफिंग, परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी और सख्त प्रवेश नियम लागू
एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सिवान |
मैट्रिक परीक्षा 2026 को शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए सिवान जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी को लेकर समाहरणालय स्थित डॉ. अंबेडकर भवन के संवाद कक्ष में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने संयुक्त रूप से सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को शनिवार को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिला प्रशासन कदाचार मुक्त परीक्षा के सफल संचालन के लिए दृढ़ संकल्पित है। परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी।
समय से पहले पहुंचना अनिवार्य, देर से आने पर नहीं मिलेगा प्रवेश
प्रशासन ने परीक्षार्थियों के लिए सख्त समय सीमा तय की है। पहली पाली के परीक्षार्थियों को सुबह 9 बजे तक और दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद आने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।
जूता-मोजा प्रतिबंधित, सिर्फ चप्पल पहनकर आएं परीक्षार्थी
कदाचार रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। सभी परीक्षार्थियों को जूता-मोजा पहनकर आने पर रोक रहेगी। उन्हें केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलेगा। साथ ही प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की बॉडी फ्रिस्किंग भी की जाएगी।
मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट मिलने पर वीक्षक भी जिम्मेदार
डीएम ने साफ चेतावनी दी कि यदि किसी परीक्षार्थी के पास मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पाया जाता है तो संबंधित वीक्षक पर भी जवाबदेही तय की जाएगी। परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
500 गज क्षेत्र में धारा लागू, दुकानें रहेंगी बंद
परीक्षा के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परिधि में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट, चाय-पान, किताब और अन्य दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।
स्टैटिक से लेकर उड़नदस्ता तक तैनात
जिले में बड़ी संख्या में दंडाधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। स्टैटिक, गश्ती, जोनल, सुपर जोनल और उड़नदस्ता दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। परीक्षा केंद्रों के आसपास और भवन के आगे-पीछे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी।
रेंडमाइजेशन से हुई वीक्षकों की नियुक्ति
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी वीक्षकों की नियुक्ति कंप्यूटरीकृत रेंडमाइजेशन प्रणाली के तहत की गई है। डीएम ने कहा कि कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को समय पर अपने स्थान पर पहुंचकर जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करना अनिवार्य होगा।
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने बताया कि प्रशासन परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर निगरानी बनाए हुए है।







