डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत न्यूज़ l पटना
सिवान | बड़हरिया
बड़हरिया थाना क्षेत्र के सुरहिया गांव में एक महिला अपने ही देवर की प्रताड़ना से इतनी परेशान हो गई है कि अब उसे अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। महताब आलम की पत्नी अंजुम आरा ने आरोप लगाया है कि उसका देवर नदीम अख्तर और उसके सहयोगी पिछले कई वर्षों से उसके साथ लगातार मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और घर में चोरी जैसी घटनाओं को अंजाम देते आ रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि आरोपित के खिलाफ कई बार प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है।
बार-बार मारपीट, डर का माहौल, घर में नहीं मिल रहा सुकून
पीड़िता अंजुम आरा ने बताया कि उसका देवर आए दिन विवाद खड़ा कर उसके साथ मारपीट करता है। घर में रखी कीमती वस्तुओं की चोरी तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। महिला का कहना है कि जब वह इसका विरोध करती है, तो देवर और उसके लोग मिलकर उसे धमकाने लगते हैं। इससे पूरे परिवार में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
अंजुम आरा के मुताबिक, उसका पति रोजगार के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता है, इसी का फायदा उठाकर देवर उस पर दबाव बनाता है और उसे घर से निकाल देने की कोशिश करता है। पीड़िता का आरोप है कि देवर की नीयत घर और संपत्ति पर कब्जा करने की है।
दो अलग-अलग तिथियों में दर्ज हुईं प्राथमिकी, फिर भी सुधार नहीं
पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर देवर नदीम अख्तर के खिलाफ पहले भी दो गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं।
पहला मामला 11 दिसंबर 2023 को बड़हरिया थाना कांड संख्या 468/23 के रूप में दर्ज हुआ था। इसमें धारा 341, 323, 379 आईपीसी के तहत आरोप लगाए गए थे।
इसके बावजूद देवर ने अपने व्यवहार में कोई सुधार नहीं किया। इसके बाद फिर एक दूसरी प्राथमिकी 10 जुलाई 2025 को दर्ज हुई। यह बड़हरिया थाना कांड संख्या 347/25 है, जिसमें धारा 351(2), 126(2), 74, 366 आईपीसी के तहत मामला दर्ज है।
इन धाराओं में मारपीट, प्रताड़ना, संपत्ति से बेदखल करने की नीयत और महिला को जबरन ले जाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
पीड़िता की गुहार—“मुझे सुरक्षा चाहिए, घर में चैन से जीना है”
अंजुम आरा का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी आरोपित के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से उसका मनोबल टूट रहा है। वह चाहती है कि पुलिस सख्त कदम उठाए ताकि आगे मारपीट या जबरन बेदखली की घटना न हो।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है। उसने कहा कि वह सिर्फ इतनी चाहती है कि अपने घर में सुरक्षित रह सके और सामान्य जीवन जी सके।
गांव में चर्चा का विषय, लोग बोले—“महिला को मिलनी चाहिए सुरक्षा”
घटना गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि परिवार के अंदर ही कोई महिला असुरक्षित महसूस कर रही हो, तो यह गंभीर मामला है। लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पीड़िता को उचित सुरक्षा प्रदान की जाए और नामजद अभियुक्त पर जल्द कार्रवाई की जाए।
अंतिम उम्मीद—कानूनी कार्रवाई से मिले राहत
लगातार प्रताड़ना झेल रहीं अंजुम आरा अब प्रशासनिक कार्रवाई से उम्मीद लगाए बैठी हैं। कई बार केस दर्ज होने के बावजूद जब तक सख्त कदम नहीं उठाया जाता, तब तक पीड़िता की परेशानी खत्म होने की संभावना कम ही दिखती है। वह चाहती है कि उसे न सिर्फ न्याय मिले, बल्कि आगे ऐसी कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो और वह अपनी जिंदगी भयमुक्त होकर जी सके।






