कचहरी ढाला पर रोड ओवर ब्रिज को मिली हरी झंडी, सिवान में विकास को नई रफ्तार
‘विकसित सिवान’ की दिशा में बड़ा कदम, जाम और बाधाओं से मिलेगी राहत
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान।
शहर के बहुप्रतीक्षित कचहरी ढाला (रेल गुमटी) पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण को स्वीकृति मिलने के बाद सिवानवासियों में खुशी की लहर है। बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री एवं सिवान सदर के विधायक मंगल पांडेय ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह परियोजना वर्षों पुरानी जन-अपेक्षा को पूरा करने वाली है। इस फैसले से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि कचहरी ढाला, जो सिवान जंक्शन के समीप स्थित है, लंबे समय से जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। रेल फाटक बंद होने के कारण आम लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता था। अब आरओबी बनने से इस समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा और लोगों को राहत मिलेगी।

प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को दिया श्रेय
मंगल पांडेय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और रेल मंत्रालय की सक्रिय भूमिका के कारण ही इस प्रकार की जनहितकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। यह परियोजना केंद्र और राज्य के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

यातायात होगा सुगम, समय और संसाधनों की बचत
आरओबी के निर्माण से शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क और भी बेहतर होगा। खासकर स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री ने कहा कि जाम खत्म होने से लोगों के समय और ईंधन की बचत होगी, जिससे आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी। वर्तमान में जाम के कारण कई बार आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिससे गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। आरओबी बनने के बाद ऐसी समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी।

व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मंगल पांडेय ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क का सीधा असर स्थानीय व्यापार और रोजगार पर पड़ेगा। शहर में आवागमन आसान होने से बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और व्यवसाय को नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही परिवहन व्यवस्था मजबूत होने से निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे सिवान का आर्थिक विकास तेज होगा।
आधुनिक और विकसित शहर बनने की ओर सिवान
उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना सिवान को आधुनिक और विकसित शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। ‘विकसित सिवान’ और ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने में यह आरओबी अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में इस तरह की और भी विकास योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे जिले की आधारभूत संरचना को और सुदृढ़ किया जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कचहरी ढाला पर आरओबी की स्वीकृति लंबे समय से उनकी प्रमुख मांग थी, जो अब पूरी होने जा रही है। इससे न सिर्फ जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि शहर की रफ्तार भी तेज होगी और सिवान विकास के नए आयाम छुएगा।






