15 दिनों की समयसीमा का उल्लंघन पड़ा महंगा, बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कार्रवाई; हुसैनगंज थाना सबसे आगे
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। सिवान।
पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही और अनावश्यक विलंब को लेकर पुलिस अधीक्षक, सिवान ने सख्त रुख अपनाया है। बिहार पुलिस मुख्यालय (आसूचना एवं सुरक्षा प्रभाग) द्वारा जारी निर्देशों के आलोक में की गई समीक्षा में यह सामने आया कि जिले के कई थानों में पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े आवेदन निर्धारित 15 दिनों की समयसीमा के भीतर निष्पादित नहीं किए गए। इस पर एसपी सिवान पुरन कुमार झा ने दोषी पाए गए पदाधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनके वेतन से जुर्माने की राशि की कटौती का आदेश दिया है।
पुलिस मुख्यालय के नियमों के अनुसार, पासपोर्ट सेवा से जुड़े प्रत्येक आवेदन में लापरवाही या देरी पाए जाने पर प्रति आवेदन 250 रुपये का दंड अधिरोपित करने का प्रावधान है। इसी प्रावधान के तहत जिले के 16 थानों के थानाध्यक्षों/पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
सबसे अधिक लापरवाही हुसैनगंज थाना में पाई गई, जहां 16 आवेदनों में देरी हुई। इस पर थानाध्यक्ष पु०नि० मोहन प्रसाद सिंह के वेतन से 4000 रुपये की कटौती की गई। रघुनाथपुर और एम.एच.नगर थाना में 12-12 मामलों में देरी पाई गई, जिस पर क्रमशः पु०नि० रवि रंजन सिंह और पु०अ०नि० राजीव कुमार पटेल के वेतन से 3000-3000 रुपये की कटौती की गई।
नौतन और जामो बाजार थाना में 9-9 लंबित मामलों के चलते 2250-2250 रुपये की कटौती की गई। वहीं बंसतपुर और महादेवा थाना में 6-6 मामलों पर 1500-1500 रुपये का दंड लगाया गया। नगर थाना में 5 मामलों में देरी पर 1250 रुपये की कटौती हुई।
मैरवा और सराय थाना में 3-3 मामलों पर 750-750 रुपये, असांव और महाराजगंज थाना में 2-2 मामलों पर 500-500 रुपये की कटौती की गई। वहीं मुफ्फसिल, धनौती, सिसवन और चैनपुर थाना में एक-एक मामले में देरी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के वेतन से 250-250 रुपये काटे गए।
पुलिस अधीक्षक, सिवान पुरन कुमार झा ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि भविष्य में पासपोर्ट सत्यापन से जुड़े कार्यों का निष्पादन अनिवार्य रूप से तय समयसीमा के भीतर किया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
एसपी ने कहा कि पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवा में विलंब नागरिकों की व्यक्तिगत और व्यावसायिक योजनाओं को प्रभावित करता है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






