Teachers Protest: नियमित शिक्षकों को 3 साल से नहीं मिला वेतनवृद्धि व भत्तों का लाभ, सिवान में शिक्षकों का आक्रोश

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इंक्रीमेंट, महंगाई भत्ता और आवास भत्ता बढ़ोतरी का बकाया नहीं मिलने से नाराज शिक्षक, डीएम से की हस्तक्षेप की मांग

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता। सिवान

सिवान जिले के नियमित शिक्षकों में वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट), महंगाई भत्ता (डीए) और आवास भत्ता (एचआरए) बढ़ोतरी का बकाया अब तक नहीं मिलने को लेकर भारी नाराजगी है। वर्षों से लंबित भुगतान के कारण शिक्षक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि बार-बार आवेदन देने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है, लेकिन वास्तविक भुगतान अब तक नहीं हुआ है।

सिवान सदर के शिक्षक मोहम्मद असगर अली, पचरुखी के माधव सिंह, सिवान सदर के विकास दत्ता, सेवानिवृत्त शिक्षक हुसैनगंज के शंभू नाथ सिंह, आंदर के विनोद कुमार सिंह, दारौंदा के हरिचरण यादव, बड़हरिया के जयप्रकाश प्रसाद, लकड़ी नवीगंज के काशिफ एसरार और भगवानपुर के सुभाष प्रसाद यादव सहित कई शिक्षकों ने इस मामले में जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।

शिक्षकों का कहना है कि बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ सिवान जिला इकाई के प्रधान सचिव जय प्रकाश चौधरी गुट और राम प्रवेश सिंह गुट की ओर से कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हर बार यह कहकर मामला टाल दिया जाता है कि “शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा”, मगर यह “शीघ्र” अब तीन साल में भी पूरा नहीं हुआ।

सभी प्रखंडों से भेजा जा चुका है डिटेल
शिक्षकों ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा संबंधित शिक्षकों का पूरा विवरण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना शाखा कार्यालय को पहले ही भेजा जा चुका है। इसके बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिससे शिक्षकों में और अधिक नाराजगी है। उनका कहना है कि जब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं तो फिर भुगतान में देरी समझ से परे है।

शिक्षकों के अनुसार उन्हें वर्ष 2022 का इंक्रीमेंट अब तक नहीं मिला है। इसके साथ ही वर्ष 2024 में घोषित आवास भत्ता बढ़ोतरी का बकाया भी अब तक लंबित है। स्थिति यहीं नहीं रुकती—वर्ष 2023 का एक महंगाई भत्ता, वर्ष 2024 के दो महंगाई भत्ता और वर्ष 2025 के भी दो महंगाई भत्ता अब तक भुगतान नहीं किए गए हैं।

शिक्षकों का कहना है कि एक ओर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों के जायज हक को वर्षों तक रोके रखना बेहद निराशाजनक है। बढ़ती महंगाई के बीच वेतन और भत्तों का समय पर भुगतान न होना उनके परिवारों की जरूरतों को पूरा करने में बाधा बन रहा है।

शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को तत्काल भुगतान का निर्देश दिया जाए, ताकि शिक्षकों को उनका लंबित हक मिल सके और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल हो सके।

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