Women Rights: महिला डॉक्टर का नकाब खींचने के विरोध में सिवान में महिलाओं का मार्च, मुख्यमंत्री से माफी की मांग

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एपवा का जोरदार प्रदर्शन, जेपी चौक पर सभा में महिलाओं के सम्मान से जुड़े सवाल उठे

सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता, सिवान। महिला डॉक्टर का नकाब खींचे जाने की घटना के विरोध में सोमवार को ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वीमेंस एसोसिएशन (एपवा) की ओर से सिवान में जोरदार प्रदर्शन किया गया। दिनांक 22 दिसंबर 2025 को सैकड़ों महिलाओं ने ललित बस स्टैंड से मार्च निकाला, जो बबुनिया मोड़ होते हुए जेपी चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। प्रदर्शनकारियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

सभा को संबोधित करते हुए एपवा की राज्य अध्यक्ष सोहिला गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूर्व में भी महिलाओं को लेकर कई आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं, जिसका व्यापक विरोध हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में आयुष डॉक्टर नुसरत प्रवीण को नियुक्ति पत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा उनके नकाब को अपने हाथों से हटाना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि मुस्लिम समाज और समूची महिला समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। सोहिला गुप्ता ने कहा कि किसी भी महिला का नकाब या कपड़ा खींचना सामंती सोच को दर्शाता है और इसे किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता।

एपवा की जिला अध्यक्ष मंजिता कौर ने कहा कि यह घटना समाज की आधी आबादी का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री ने माफी नहीं मांगी तो महिलाएं अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए और बड़ा आंदोलन करेंगी। सभा में दौलत देवी, मंजू देवी (जिला परिषद), कुंती यादव, हीरामती देवी, रामवती देवी, सभापति शारदा देवी, अफ्ति देवी, माया कुशवाहा सहित सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।


मनरेगा कानून खत्म करने और बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ प्रतिवाद

इसी दिन खेग्रामस की ओर से भी ललित बस स्टैंड से मार्च निकाला गया, जो बबुनिया मोड़ होते हुए जेपी चौक पहुंचा। सभा को संबोधित करते हुए खेग्रामस के जिला सचिव शिवनाथ राम ने कहा कि वर्ष 2006 में मनरेगा कानून के तहत खेत मजदूरों को साल में 100 दिन काम देने की गारंटी दी गई थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार इस कानून को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों की जगह मशीनों से काम लिया जा रहा है और रोजगार की कानूनी गारंटी छीनी जा रही है। साथ ही फैक्ट्रियों में 8 घंटे के बजाय 12 घंटे काम और यूनियन अधिकार खत्म करने की साजिश हो रही है। बिहार में सरकार बनते ही दलित और गरीबों की झोपड़ियों पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बुलडोजर चलाया जा रहा है। मौके पर गुड्डू मिश्रा, जयचंद राम, हंसनाथ राम उपस्थित रहे।


भाकपा माले नेताओं को फर्जी केस में फंसाने की साजिश का आरोप

भाकपा माले के जिला सचिव हंसनाथ राम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 20 दिसंबर 2025 की रात गोरेयाकोठी थाना पुलिस उनके पार्टी नेता विकास यादव और शहीद कॉमरेड जामदार मांझी के भाई सोहेल मांझी के घर कल्याणपुर पहुंची थी। 21 दिसंबर को अखबारों से पता चला कि जामदार मांझी के हत्यारे संटू सिंह के भतीजे दीपक सिंह पर गोली चली है। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2023 को संटू सिंह सहित अन्य अपराधियों ने जामदार मांझी की हत्या की थी, जिसकी सुनवाई चल रही है। इसी केस को दबाने के लिए पार्टी नेताओं को फर्जी मामलों में फंसाने की साजिश रची जा रही है।

पूर्व विधायक अमरनाथ यादव ने कहा कि यह साजिश सफल नहीं होगी। उन्होंने जिला प्रशासन से नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निष्पक्ष जांच की मांग की।

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