Nalanda News-Sanskrit Day: संस्कृत दिवस पर बोले दिलीप कुमार – “संस्कृत सभी भाषाओं की जननी, सरकार के रवैये से विद्यालय मृतप्राय”

Share

1886 से स्थापित विद्यालय जीर्ण-शीर्ण, 9 में से 5 शिक्षक बिना वेतन पढ़ा रहे

बिहार डेस्क l केएमपी भारत l पटना

बिहारशरीफ | अविनाश पांडेय

संस्कृत दिवस के अवसर पर शनिवार को वैदिक साहित्य संस्कृत उच्च विद्यालय आतासराय, इस्लामपुर में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। छात्राओं के स्वस्तिवाचन ने माहौल को भावुक बना दिया।

स्कूल के प्रधानाध्यापक डॉ. प्रवीण चंद्र मिश्रा ने स्वागत भाषण में अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार ने संस्कृत की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा, “संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है, इससे पुरानी कोई भाषा नहीं। सभी भाषाओं की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है। यह देवताओं और ऋषि-मुनियों की भाषा है और आज भी सनातन धर्म के हर अनुष्ठान में आवश्यक है।”

सरकार पर लगाया उदासीनता का आरोप

दिलीप कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार के उदासीन रवैये के कारण राज्य के संस्कृत विद्यालय धीरे-धीरे बंद होने की कगार पर हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पहले बिहार बोर्ड के सिलेबस में 10वीं तक संस्कृत अनिवार्य थी, जिसे अब हटा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि 1886 से स्थापित यह विद्यालय आज जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, जबकि इसके पास करीब 2 एकड़ जमीन है। कुछ कमरों को छोड़कर बाकी इमारत जर्जर है। उन्होंने मांग की कि ऐसे ऐतिहासिक विद्यालयों को बचाने के लिए सरकार तुरंत कदम उठाए।

पुराने विद्यालय पर सरकारी उपेक्षा का असर

इस्लामपुर के पूर्व जिला पार्षद और विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी महेंद्र प्रसाद यादव ने भी कहा कि जिले का यह सबसे पुराना संस्कृत विद्यालय सरकारी उपेक्षा का शिकार है। विद्यालय प्रशासन ने बताया कि यहां कुल नौ शिक्षक हैं, लेकिन केवल चार को ही वेतन मिलता है। बाकी पांच शिक्षक बिना वेतन पढ़ा रहे हैं।

विद्यालय में 164 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से औसतन 125 उपस्थित रहते हैं। यहां का पुस्तकालय भी प्राचीन और दुर्लभ किताबों से भरा हुआ है, लेकिन उचित देखभाल के अभाव में इसका उपयोग सीमित रह गया है।

संस्कृत की मर्यादा बचाने की अपील

शिक्षकों और अभिभावकों ने अतिथियों से आग्रह किया कि वे सरकार का ध्यान इस विद्यालय की ओर दिलाएं ताकि इसकी पौराणिकता और संस्कृत की मर्यादा बनी रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय लोग मौजूद थे। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नव प्रभात प्रशांत, राजीव रंजन कुमार और प्रखंड अध्यक्ष सर्वेश कुमार भी उपस्थित रहे।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728