डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सिवान |
कृषि भारत की आत्मा है और किसान उसकी रीढ़। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, नवीन कृषि यंत्र और सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सिवान में एक मजबूत पहल की गई। कृषि प्रांगण, सिवान में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) सिवान के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी का सोमवार को भव्य शुभारंभ हुआ।
डीएम ने किया मेले का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय (भा.प्र.से.) ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसान मेला किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने का प्रभावी मंच है। नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र सशक्त बनेगा।
विशेषज्ञों ने दी आधुनिक खेती की जानकारी
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक (शस्य) सारण प्रमंडल, छपरा समीर कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ खेती के तौर-तरीकों में बदलाव जरूरी है। वैज्ञानिक विधियों से खेती कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं और जोखिम को कम कर सकते हैं।
जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक, आत्मा सिवान आलोक कुमार ने बताया कि इस मेले के माध्यम से किसानों को फसल उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण, जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण, पशुपालन एवं बागवानी से जुड़ी नवीनतम तकनीकों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई है।
एक ही मंच पर मिला सीधा संवाद
मेले में कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), जिला उद्यान पदाधिकारी एवं अन्य विभागीय पदाधिकारियों ने किसानों से सीधा संवाद किया। किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों, उन्नत बीजों और नई तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे वे बदलते कृषि परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
प्रदर्शनी और पुरस्कार का भी प्रावधान
किसान मेले में साग-सब्जी एवं अन्य कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों को पुरस्कृत करने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों में नवाचार और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हो।
कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में कदम
जिला कृषि पदाधिकारी ने विश्वास जताया कि यह किसान मेला किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और कृषि को लाभकारी, टिकाऊ एवं आत्मनिर्भर बनाने में नई दिशा देगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों, कृषि वैज्ञानिकों और सहभागी किसानों को शुभकामनाएं दी गईं।






