Municipal Corruption: सिवान जिले के महाराजगंज में बने 15 प्याऊ की होगी जांच, डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय टीम

Share

1.71 करोड़ की लागत, अनियमितता व गबन के आरोपों पर जिला प्रशासन सख्त

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

महाराजगंज |
महाराजगंज नगर पंचायत क्षेत्र में बने 15 प्याऊ के निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग के मामले को गंभीरता से लेते हुए सिवान के जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। डीएम ने जांच टीम को निर्देश दिया है कि वह पूरे मामले की संयुक्त जांच कर यथाशीघ्र प्रतिवेदन समर्पित करे। यह कार्रवाई नगर पंचायत के उप मुख्य पार्षद द्वारा की गई लिखित शिकायत के बाद की गई है।

1.71 करोड़ की लागत से बने प्याऊ पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, महाराजगंज नगर पंचायत प्रशासन द्वारा विभिन्न वार्डों, धार्मिक स्थलों और सरकारी भूमि पर कुल 15 प्याऊ का निर्माण कराया गया है। इन निर्माण कार्यों पर 1 करोड़ 71 लाख 76 हजार 515 रुपये की राशि खर्च की गई। आरोप है कि इन कार्यों में भारी अनियमितता बरती गई, बिना आवश्यक एनओसी के निर्माण कराया गया और सरकारी धन का बंदरबाट, लूटखसोट व गबन किया गया।

डीएम के आदेश पर गठित हुई जांच टीम
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच टीम में अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी जिला विकास शाखा सिवान और कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन सिवान को शामिल किया गया है। जांच टीम के अध्यक्ष अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को बनाया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय से आदेश निर्गत होने के बाद जिला विकास शाखा द्वारा पत्र जारी किया गया है।

उप मुख्य पार्षद की शिकायत से खुला मामला
महाराजगंज नगर पंचायत की उप मुख्य पार्षद गुड़िया कुमारी ने 8 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी सिवान को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच की मांग की थी। उन्होंने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि नगर पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विभागों से बिना एनओसी लिए निर्माण कार्य कराए गए और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया।

जेम पोर्टल की प्रक्रिया का उल्लंघन का आरोप
उप मुख्य पार्षद ने आरोप लगाया कि नगर विकास एवं आवास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार वस्तुओं की खरीद जेम पोर्टल या बी-प्रोक 2.0 के माध्यम से निविदा प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन नगर पंचायत महाराजगंज द्वारा इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। निविदा प्रकाशन से लेकर निष्पादन तक पारदर्शिता और गोपनीयता के मूल सिद्धांतों की अनदेखी की गई।

पहले भी हो चुकी है शिकायत
गुड़िया कुमारी ने बताया कि इस तरह की अनियमितताओं की शिकायत पहले भी वरीय पदाधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब डीएम द्वारा जांच टीम गठित किए जाने से पूरे मामले में सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। नगर पंचायत क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और आम जनता की नजरें जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031