गांधी मैदान से निकला मजदूर यूनियन का मार्च, दलितों पर हमले का लगाया आरोप, दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सिवान बंद की चेतावनी
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता । सिवान:
सिवान में सन्नी बांसफोर हत्याकांड को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार 21 जनवरी 2026 को मजदूर यूनियन और मुन्ना बांसफोर के नेतृत्व में गांधी मैदान से आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में दलित, पिछड़े और आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने सन्नी बांसफोर को न्याय दिलाने और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। https://youtu.be/dw1FWSN349g?si=EtnTrJcS4–lvlMR
मार्च के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने कहा कि जिले में लगातार दलितों पर हमले और हत्याएं हो रही हैं, लेकिन जिला प्रशासन और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी उदासीन रवैये के कारण सिवान के दलित समाज में गहरा आक्रोश है।
उन्होंने बताया कि 7 दिसंबर 2025 को हथौड़ा निवासी रईस खान, मोहम्मद दानिश और उनके साथियों ने सन्नी बांसफोर की उसके जिम में ही चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में रईस खान ने आत्मसमर्पण किया और पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की, लेकिन अब तक हत्या के सही कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है और अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
सन्नी बांसफोर के पिता मुन्ना बांसफोर ने कहा कि उन्हें दलित होने की सजा मिल रही है। आज तक न तो हत्यारों की गिरफ्तारी हुई और न ही मामले का सफल उद्भेदन। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो पूरे सिवान के दलित सड़क पर उतरेंगे।
वहीं सन्नी के बेटे ने कहा कि उन्हें अपने पिता के लिए इंसाफ चाहिए और हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। छात्र नेता अनीश कुमार ने भी प्रशासन पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और कहा कि बीते वर्ष कल्याणपुर में जमादार मांझी की हत्या के आरोपी आज भी खुले घूम रहे हैं।
मार्च में वार्ड पार्षद दीपक कुमार, प्रदीप बांसफोर, सोनू कुशवाहा, नीरज कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो सिवान बंद किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।






