Bhagwat Katha: भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण, संशय का नाश और मोक्ष की प्राप्ति : श्याम किशोरी

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महाराजगंज के बड़ी देवी मंदिर में नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के छठे दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, संगीतमय कथा में भाव-विभोर हुए श्रोता

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता। महाराजगंज।
अनुमंडल मुख्यालय के दुर्गा चौक नखास स्थित बड़ी देवी मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के छठे दिन भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रीधाम वृंदावन से पधारी सुप्रसिद्ध कथावाचिका श्याम किशोरी जी ने संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, वहीं भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

कथावाचिका श्याम किशोरी जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मन का शुद्धिकरण होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब हम उसके संदेशों को अपने जीवन और व्यवहार में उतारें तथा निरंतर हरि स्मरण करते रहें। उन्होंने कहा कि भागवत कथा से संशय दूर होता है और व्यक्ति को शांति व मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है।

श्याम किशोरी जी ने कहा कि दान करने से धन की शुद्धि होती है, संतों की सेवा से शरीर पवित्र होता है और भजन से मन निर्मल होता है। जहां भागवत कथा का आयोजन होता है, वह स्थान तीर्थ बन जाता है और वह भूमि साक्षात वृंदावन के समान पवित्र हो जाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान के चरणों में मन लगाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि जब हम सच्चे मन से प्रभु की भक्ति करते हैं, तो भगवान हमें सब कुछ प्रदान करते हैं।

कथावाचिका ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से निर्धन को धन, निसंतान को संतान और दुखी को सुख की प्राप्ति होती है। हमारी वाणी और व्यवहार ही हमारे जीवन की दिशा तय करते हैं। कथा श्रवण से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट हो जाते हैं और कलियुग में केवल कथा सुनने मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार हो सकता है। सोया हुआ ज्ञान और वैराग्य भी कथा श्रवण से जाग्रत हो जाता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा को कल्पवृक्ष के समान बताते हुए कहा कि यह सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाली है। महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन और आरती के साथ श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ अर्जित किया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि शेष दिनों में भी कथा, हवन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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