ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई की मौत पर गहराया रहस्य
परिजनों और ग्रामीणों ने केंद्र व नेपाल सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग की
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l भागलपुर
विकाश कुमार l सहरसा।
ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर नेपाल से उनके पैतृक गांव धमसैना पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही एंबुलेंस गांव पहुंची, परिजनों के बीच कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके घर पहुंचने लगे। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
प्रिंस यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अब भी रहस्य बरकरार है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। ग्रामीणों ने केंद्र सरकार और नेपाल सरकार से संयुक्त रूप से मामले की गंभीर जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। लोगों ने प्रशासन से भी मामले को संवेदनशीलता के साथ लेने और सच्चाई सामने लाने की अपील की है।
इस बीच जानकारी मिली है कि ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद बेल अथवा पेरोल पर मंगलवार को घर पहुंच सकते हैं। उनके आने की खबर के बाद परिजनों और समर्थकों की निगाहें प्रशासनिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
पटना के शिक्षक एस.के. झा ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं और बिहार की जनता इसे गंभीरता से देख रही है।
वहीं अमर यादव सहित अन्य स्थानीय लोगों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।






