प्रेमचंद जयंती पर ‘आजादी के मायने’ और ‘वर्तमान फासीवादी दौर में प्रेमचंद साहित्य’ पर होगा मंथन, किसान सभा निकालेगी ‘व्यवस्था बदलो’ यात्रा
जनवादी लेखक संघ की ओर से ‘वर्तमान फासीवादी दौर में प्रेमचंद साहित्य’ विषय पर संगोष्ठी, कवि सम्मेलन और मुशायरा का भी आयोजन
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान।
9 अगस्त को सीवान में साहित्य, संस्कृति और जनसरोकार से जुड़े तीन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित होंगे। एक ओर ‘जागृति’ सिवान की ओर से प्रेमचंद जयंती समारोह में ‘आजादी के मायने और प्रेमचंद’ विषय पर चर्चा होगी, वहीं जनवादी लेखक संघ की ओर से ‘वर्तमान फासीवादी दौर में प्रेमचंद साहित्य’ विषय पर संगोष्ठी, कवि सम्मेलन और मुशायरा आयोजित किया जाएगा। दूसरी ओर ऑल इंडिया अग्रीम किसान सभा की ओर से ‘देश बचाओ-व्यवस्था बदलो’ जनजागरूकता अभियान के तहत यात्रा निकाली जाएगी।

‘आजादी के मायने और प्रेमचंद’ पर होगी चर्चा
‘जागृति’ सिवान की ओर से प्रेमचंद जयंती समारोह का आयोजन 9 अगस्त को दोपहर 12 बजे रामदेव नगर स्थित बिहार पब्लिक स्कूल में किया जाएगा। कार्यक्रम का विषय ‘आजादी के मायने और प्रेमचंद’ रखा गया है। आयोजकों के अनुसार प्रेमचंद के साहित्य में समाज के कमजोर, किसान, मजदूर और वंचित वर्गों की आवाज प्रमुखता से सामने आती है। ऐसे में वर्तमान समय में उनके साहित्य की प्रासंगिकता पर चर्चा की जाएगी।


प्रेमचंद साहित्य पर संगोष्ठी, कवि सम्मेलन और मुशायरा
जनवादी लेखक संघ सीवान के तत्वावधान में 9 अगस्त को सुबह 11 बजे स्थानीय कन्हैया लाल केंद्रीय जिला पुस्तकालय के सभागार में कार्यक्रम होगा। ‘वर्तमान फासीवादी दौर में प्रेमचंद साहित्य’ विषय पर संगोष्ठी के बाद कवि सम्मेलन सह मुशायरा आयोजित किया जाएगा। साहित्यकार और कवि प्रेमचंद की रचनाओं के सामाजिक सरोकारों और वर्तमान संदर्भ पर विचार रखेंगे।

‘व्यवस्था बदलो’ के संदेश के साथ निकलेगी जनजागरूकता यात्रा
ऑल इंडिया अग्रीम किसान सभा की ओर से 9 अगस्त को ‘देश बचाओ-व्यवस्था बदलो’ जनजागरूकता यात्रा निकाली जाएगी। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रामायण सिंह के नेतृत्व में यात्रा सुबह 9 बजे उमर सेंटर से शुरू होगी। इसके बाद मदरपुर बाजार, मलमलिया, बसंतपुर होते हुए सीवान और जिरादेई तक पहुंचेगी। यात्रा में चुनावी खर्च, नेताओं की पेंशन, आम लोगों पर आर्थिक बोझ और व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।







