महाराजगंज के पुरानी बाजार नोनियाडीह में सुबह-सुबह मचा हड़कंप, तस्कर रहे फरार, शराब बरामदगी में नाकामी
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
महाराजगंज (सिवान)।
अनुमंडल मुख्यालय के पुरानी बाजार नोनियाडीह में गुरुवार की सुबह उस वक्त अफरातफरी मच गई जब आबकारी विभाग की टीम पूरे लाव-लश्कर के साथ चुलाई शराब, शराब तस्कर और शराबियों को पकड़ने के लिए पहुंची। ड्रोन कैमरा और स्क्वायड डॉग की मौजूदगी ने इलाके में कौतूहल का माहौल बना दिया। हालांकि, इतना बड़ा अभियान चलाने के बावजूद आबकारी पुलिस को कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी। https://youtu.be/MCbvhpbvbBk?si=zJV3w5yER5xEaaHy
सुबह-सुबह आबकारी टीम को देखकर पूरे मोहल्ले में शराब कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया। लोग इधर-उधर भागने लगे और कई घरों के दरवाजे अचानक बंद हो गए। टीम ने जैसे ही ड्रोन कैमरा आसमान में उड़ाया, आसपास के लोग भी जमा हो गए। कुछ देर के लिए पूरा इलाका चर्चा का केंद्र बन गया।
आबकारी पुलिस ने पुरानी बाजार नोनियाडीह के साथ-साथ इंदौली इलाके में भी सघन तलाशी अभियान चलाया। गली-मोहल्लों, झाड़ियों और संभावित ठिकानों पर खोजबीन की गई। स्क्वायड डॉग की मदद से भी शराब छिपाने के स्थानों का पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन कहीं से भी चुलाई शराब या कोई तस्कर पकड़ में नहीं आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन इलाकों में चुलाई शराब का धंधा अब कुटीर उद्योग का रूप ले चुका है। छोटे-छोटे स्तर पर कई जगह शराब बनाई और बेची जा रही है। इसमें शामिल लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं पीने वालों की भी कमी नहीं है।
अभियान की नाकामी के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अक्सर पहले ही तस्करों को भनक लग जाती है, जिससे वे मौके से फरार हो जाते हैं।
फिलहाल, बिना किसी बरामदगी के टीम वापस लौट गई, लेकिन क्षेत्र में यह चर्चा बनी रही कि इतने संसाधनों के बावजूद शराब माफियाओं पर लगाम लगाना अब भी प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।






