Humanity First : गांव का दर्द, परदेस का सहारा: जबईनिया पीड़ितों के लिए अमेरिका से बढ़े मदद के हाथ

Share

बिहार डेस्क l केएमपी भारत l पटना

आरा। ओपी पांडेय

जबईनिया गांव की दर्दनाक त्रासदी ने न सिर्फ बिहार, बल्कि परदेस में रह रहे प्रवासी बिहारी समुदाय को भी गहरे दुख में डूबो दिया है। अमेरिका स्थित ओवरसीज ऑर्गेनाइजेशन फॉर बेटर बिहार, यूएसए ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है।

संस्था की प्रमुख मनिषा पाठक और सह-प्रमुख कल्पना कुमारी ने कहा कि “हम जहां भी रहते हों, हमारी जड़ें बिहार से जुड़ी हैं। जबईनिया के लोगों का दर्द हमारा दर्द है। हम हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।”

राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे स्थानीय कार्यकर्ता

संस्था के भारत स्थित सदस्य लगातार पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचा रहे हैं। राहत कार्य का नेतृत्व जितेंद्र दूबे कर रहे हैं, जिनके साथ कविता दूबे, राजू पांडेय, लक्ष्मण मिश्रा, गुंजन कुमार, पवन पांडेय, गुप्तेश्वरी देवी और गिरिजाशंकर सहित कई कार्यकर्ता तन-मन से जुटे हुए हैं।

गांववासियों की आंखों में छलका सुकून

जब कार्यकर्ता राहत सामग्री लेकर गांव की गलियों में पहुंचे तो पीड़ित परिवारों की आंखें भर आईं। एक वृद्ध महिला ने भावुक होकर कहा – “भगवान ऐसे बेटियों और बेटों को सलामत रखे। हमें यह देखकर सुकून है कि हम अकेले नहीं हैं।”

उम्मीद की नई किरण

गांव के बच्चों के चेहरों पर भी उम्मीद की चमक देखी गई। त्रासदी के अंधेरे में संवेदना और सहयोग की यह लौ ग्रामीणों के दिलों को संबल दे रही है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728