नालंदा: जमीन के भीतर दबाकर छुपाया था शराब माफियाओं ने स्टॉक, राजगीर में 499 बोतलें जब्त — गिरफ्तारी शून्य

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उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, मुख्य सप्लायर की तलाश जारी

डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत न्यूज़ l पटना

अविनाश पांडेय, बिहारशरीफ।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल राजगीर में शराब माफियाओं ने पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए नया तरीका अपनाया था—जंगल के बीच जमीन में गड्ढा खोदकर इंग्लिश शराब का पूरा जखीरा दबा दिया गया था। लेकिन उत्पाद विभाग को मिली गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई में यह पूरा मंसूबा ध्वस्त हो गया। विभाग की टीम ने 499 बोतल ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की है। हैरानी की बात यह है कि घटना में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

जंगल में जमीन के अंदर गुप्त ठिकाना

छापेमारी राजगीर थाना क्षेत्र के बकसू गांव में की गई। गांव के पास स्थित घने जंगल में शराब कारोबारियों ने एक गड्ढा खोदकर शराब की पेटियां छुपा रखी थीं। ऊपर से मिट्टी डालकर जगह को ऐसे ढक दिया गया था कि पहली नजर में किसी को शक न हो।

उत्पाद विभाग की टीम ने जब तलाशी शुरू की तो उन्हें कड़ी मिट्टी और दबे हुए कार्टन नजर आए। खुदाई करने पर अंदर से विभिन्न ब्रांडों की भारी मात्रा में बोतलें निकलने लगीं। विभाग के अधिकारियों के अनुसार—
“स्पष्ट है कि यह किसी संगठित शराब माफिया गिरोह का किया हुआ काम है, जो बड़े स्तर पर अवैध कारोबार कर रहा था।”

महिला अधिकारी के नेतृत्व में कार्रवाई

यह कार्रवाई उत्पाद विभाग की सब-इंस्पेक्टर निधि के नेतृत्व में की गई। टीम में एएसआई अश्वनी कुमार पासवान, सिपाही अमरीश कुमार समेत कई जवान शामिल थे। पूरी टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया और जांच-पड़ताल के बाद सभी 499 बोतलों को कब्जे में लेकर थाना भेज दिया।

उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि शराब माफियाओं तक सूचना पहुंचने के कारण वे घटनास्थल से पहले ही फरार हो गए। यही कारण है कि किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

मुख्य सप्लायर पर विभाग की नजर

उत्पाद अधीक्षक ने कहा कि बरामदगी के आधार पर पुलिस आसपास के गांवों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
“मुख्य विक्रेता का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होगी। विभाग शराबबंदी कानून के कड़ाई से पालन को लेकर पूरी तरह गंभीर है,” अधिकारी ने कहा।

पर्यटक स्थल राजगीर में बढ़ी चौकसी

राजगीर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल पर इस तरह की गतिविधि सामने आने के बाद विभाग ने इलाके में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जंगल, पहाड़ी इलाकों और कम आबादी वाले स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा ताकि इस तरह के नेटवर्क का पूरी तरह सफाया किया जा सके।

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