Bihar News: बिहार में खाद की कालाबाजारी पर अब सख्त कार्रवाई; नेपाल बॉर्डर तक होगी खाद माफिया पर सख्ती, हर हफ्ते रिपोर्ट देनी होगी

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कृषि मंत्री के निर्देश: कालाबाजारी पर कड़ी नजर, किसानों को भरोसा—खाद की कमी नहीं

बिहार न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संजीव कुमार। पटना।
बिहार में खाद की कालाबाजारी पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी हो गई है। राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे खाद की जमाखोरी और अवैध बिक्री पर तुरंत रोक लगाएं। खासकर नेपाल सीमा से सटे इलाकों में निगरानी और तेज करने को कहा गया है, जहां अक्सर खाद की तस्करी और कालाबाजारी की शिकायतें मिलती रही हैं।

पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री ने कहा कि अब जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक अधिकारियों को जवाबदेह बनाया गया है। हर जिले में सप्ताह में एक बार खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर समीक्षा बैठक अनिवार्य होगी और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी। इससे स्थिति पर लगातार निगरानी बनी रहेगी और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।

युद्ध का असर, बढ़ सकती है कालाबाजारी

कृषि मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण खाद की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे समय में कालाबाजारी की संभावना भी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए अधिकारियों को पहले से सतर्क रहने और हर गतिविधि पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि राज्य में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी किसानों की जरूरतों को लेकर लगातार सक्रिय हैं और किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

राज्य में खाद का पर्याप्त भंडार

विभाग के अनुसार फिलहाल बिहार में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी की उपलब्धता किसानों की मांग से अधिक है। आंकड़ों के मुताबिक यूरिया 2.48 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.43 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.07 लाख मीट्रिक टन, एमओपी 0.39 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.02 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।

मंत्री ने कहा कि किसानों तक समय पर खाद पहुंचे, इसके लिए सप्लाई चेन को मजबूत किया गया है। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित रिटेलर, स्टॉकिस्ट और यहां तक कि अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

सरकार अब जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए ‘धरती बचाओ कमेटी’ के गठन की योजना है, जो किसानों को रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने और जैविक विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पैक्स (PACS) में लाइसेंस देने की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है, ताकि खाद वितरण में पारदर्शिता आए और किसानों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सके।

किसानों को राहत और मुआवजा

हाल के दिनों में खराब मौसम और आपदा से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। मंत्री ने बताया कि करीब 200 करोड़ रुपए का मुआवजा किसानों को दिया जा चुका है। वहीं, फसल क्षति का आकलन अभी भी जारी है और पात्र किसानों को जल्द सहायता प्रदान की जाएगी।

खरीफ की तैयारी शुरू

कृषि विभाग अब आगामी खरीफ सीजन की तैयारी में जुट गया है। विभागीय निदेशक ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कृषि एप के माध्यम से किसान न सिर्फ योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं, बल्कि उसका लाभ भी आसानी से उठा सकते हैं।

सरकार का स्पष्ट संदेश है—खाद की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई तय है।

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