48 घंटे में खाते में भुगतान, पैक्स और व्यापार मंडलों के जरिए होगी खरीद; पहले से चल रहा किसानों का निबंधन
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संजीव कुमार। पटना।
राज्य के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करने का निर्णय लिया है। सहकारिता विभाग ने इसको लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
सरकार द्वारा गेहूं की खरीदारी पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियां) और प्रखंड स्तर पर संचालित व्यापार मंडलों के माध्यम से की जाएगी। किसान अपनी सुविधा के अनुसार इन केंद्रों पर जाकर अपनी उपज बेच सकते हैं। इस बार खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
48 घंटे में सीधे खाते में भुगतान
सरकार ने भुगतान व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। किसानों को गेहूं बेचने के बाद 48 घंटे के भीतर पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में राशि भेज दी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को समय पर भुगतान मिल सकेगा।
पहले से चल रहा है निबंधन
गेहूं बेचने के लिए किसानों का ऑनलाइन निबंधन 21 जनवरी 2026 से ही शुरू कर दिया गया था। इसके लिए कृषि विभाग के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकरण किया जा रहा है। जिन किसानों ने अब तक निबंधन नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
जागरूकता अभियान भी चलाया गया
सहकारिता विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में किसानों को जागरूक करने के लिए बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों में किसानों को खरीद प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, भुगतान प्रणाली और अन्य जरूरी जानकारी विस्तार से दी गई। विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान इस योजना से जुड़ें और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
खरीद का लक्ष्य तय
इस वर्ष राज्य में गेहूं अधिप्राप्ति का लक्ष्य 0.18 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों से सीधे खरीद की जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिले।
सहायता के लिए हेल्पलाइन उपलब्ध
किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 0612-2200693 जारी किया गया है। इसके अलावा किसान अपने प्रखंड के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी या संयुक्त निबंधक कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।






