मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रखा समृद्धि यात्रा के तहत सीवान जिले के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित भव्य जन संवाद कार्यक्रम में बिहार के विकास का नया रोडमैप
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय । सीवान।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को समृद्धि यात्रा के तहत सीवान जिले के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित भव्य जन संवाद कार्यक्रम में शिरकत कर बिहार के विकास का नया रोडमैप जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि “डेयरी व्यवसाय से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, लोगों की आमदनी बढ़ेगी और श्वेत क्रांति से बिहार में समृद्धि आएगी।” मुख्यमंत्री के संबोधन में विकास, सामाजिक समरसता और भविष्य की योजनाओं की स्पष्ट झलक दिखी।

श्वेत क्रांति से बदलेगा बिहार का चेहरा
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राज्य के सभी गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन किया जाएगा और हर पंचायत में ‘सुधा’ दूध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। सीवान जिले में 1,528 गांवों में दुग्ध समितियां और सभी 293 पंचायतों में सुधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल किसानों को उचित दाम मिलेगा बल्कि ग्रामीण युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।

2005 के पहले और बाद का फर्क बताया
मुख्यमंत्री ने जनता को 2005 से पहले की स्थिति याद दिलाते हुए कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था बदहाल थी, शाम के बाद लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे।
“हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थी, पढ़ाई-लिखाई और इलाज की व्यवस्था बेहद कमजोर थी। सड़कें जर्जर थीं, बिजली गिनती की जगहों पर थी,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज राज्य में प्रेम, भाईचारा और शांति का माहौल है और हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है।
कब्रिस्तान और मंदिरों की घेराबंदी से सामाजिक सौहार्द
उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम शुरू हुआ और अब तक करीब 8 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है।
वर्ष 2016 से 60 वर्ष से पुराने मंदिरों की भी घेराबंदी की गई है, जिससे सामाजिक सौहार्द को मजबूती मिली है।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरू से ही शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है।
बड़े पैमाने पर सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण हुआ है।
हर घर नल का जल, शौचालय और बिजली पहुंचाई गई है।
उन्होंने बताया कि 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गई थी और अब अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है।
सात निश्चय से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 योजनाओं के तहत राज्य में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
युवाओं के लिए 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक 10 लाख सरकारी नौकरी और 40 लाख रोजगार दिए जा चुके हैं।
अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य है।
पेंशन में बढ़ोतरी से बुजुर्गों को राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं की पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है।
इससे 1 करोड़ 14 लाख लोगों को लाभ हो रहा है।

केंद्र सरकार का सहयोग
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि 2024 के केंद्रीय बजट में बिहार को सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी गई।
2025 के बजट में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट और पश्चिमी कोसी नहर के लिए सहायता की घोषणा हुई।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
सात निश्चय-3: बिहार के भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों (2025-2030) के लिए सात निश्चय-3 योजना की घोषणा करते हुए इसके सात प्रमुख स्तंभ बताए—
1. दोगुना रोजगार, दोगुनी आय
राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य।
महिलाओं को रोजगार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता और सफल उद्यमियों को 2 लाख रुपये तक की मदद।
2. समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार
हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना, नए उद्योगों को मुफ्त भूमि और अनुदान।
पुरानी बंद चीनी मिलों को पुनः चालू किया जाएगा।
3. कृषि में प्रगति
मखाना, डेयरी और मछली पालन को बढ़ावा।
नए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना।
4. उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य
हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज।
नई एजुकेशन सिटी का निर्माण।
5. सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन
जिला और प्रखंड अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र बनाया जाएगा।
निजी अस्पतालों को प्रोत्साहन और सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक।
6. मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार
नए शहरों का विकास, 5 एक्सप्रेस-वे का निर्माण, सोलर पैनल योजना और पर्यटन को बढ़ावा।
पटना में स्पोर्ट्स सिटी और खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी।
7. सबका सम्मान, जीवन आसान
डिजिटल तकनीक और सुशासन से नागरिकों के जीवन को आसान बनाना।
सीवान के लिए विशेष सौगातें
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले सीवान का हाल बेहद खराब था, लेकिन अब यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, महिला आईटीआई, मेडिकल कॉलेज, जीएनएम और पारा मेडिकल संस्थान स्थापित किए गए हैं।
कर्पूरी ठाकुर छात्रावास और दो आवासीय विद्यालय बने हैं।
राम जानकी पथ, मैरवा-दारौली पथ चौड़ीकरण, बाढ़ सुरक्षा तटबंध और सिंचाई परियोजनाएं भी सीवान की पहचान बन रही हैं।
नई योजनाएं और प्रगति यात्रा का असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति यात्रा के दौरान चिन्हित कमियों को दूर करने के लिए सीवान जिले की 6 नई योजनाओं को मंजूरी दी गई है।
इनमें सीवान बाईपास, तीन प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण, प्रेक्षागृह निर्माण, मौनिया बाबा महाबीरी मेला को राज्य मेला प्राधिकरण में शामिल करना और नौतन प्रखंड में ग्रिड उपकेंद्र का निर्माण शामिल है।
सीवान में रोजगार और शिक्षा का विस्तार
सात निश्चय-3 के तहत सीवान की 4.13 लाख महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
सभी 19 प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे।
सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट अस्पताल और सदर अस्पताल को अति विशिष्ट अस्पताल बनाया जाएगा।
खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी।
जनप्रतिनिधियों ने किया स्वागत
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार और सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बड़ी माला पहनाकर सम्मानित किया।
भविष्य की ओर बढ़ता बिहार
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि “हम सबके लिए काम करते हैं, कोई भेदभाव नहीं। आने वाले दिनों में बिहार देश के टॉप राज्यों में शामिल होगा और देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा।”






